नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का इंतजार फिलहाल और लंबा हो सकता है। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में संजू सैमसन की लगातार खराब फॉर्म के बावजूद टीम प्रबंधन उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर करने का जोखिम शायद ही उठाए। इसकी वजह सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि टीम संयोजन से जुड़ी एक अहम रणनीतिक चुनौती बताई जा रही है।
संजू की खराब फॉर्म के बावजूद क्यों कायम है भरोसा?
पिछले तीन मुकाबलों में संजू सैमसन बल्ले से प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं। इसके बाद क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की मांग तेज हो गई है। हालांकि टीम प्रबंधन के सामने बल्लेबाजी क्रम का संतुलन बनाए रखने की चुनौती है, जिसके चलते संजू को एक और अवसर मिल सकता है।
लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन बना अहम मुद्दा
टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन पर नजर डालें तो वैभव सूर्यवंशी के शामिल होने की स्थिति में शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या काफी बढ़ जाएगी। यदि वैभव और अभिषेक शर्मा ओपनिंग करते हैं, तो दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज होंगे। इसके बाद ईशान किशन भी बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं।
मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर एकमात्र प्रमुख दाएं हाथ के बल्लेबाज होंगे, जबकि तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल भी बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। ऐसे में शीर्ष सात बल्लेबाजों में अधिकांश खिलाड़ी एक ही शैली के हो जाएंगे, जिससे विपक्षी टीम को रणनीति बनाने में आसानी मिल सकती है।
टी20 विश्व कप का अनुभव भी बना आधार
टीम प्रबंधन पहले भी इसी तरह की स्थिति का सामना कर चुका है। पिछले टी20 विश्व कप में बल्लेबाजी क्रम में संतुलन बनाए रखने के लिए संजू सैमसन को टीम में शामिल किया गया था। उस समय भी दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाजों के संतुलन को प्राथमिकता दी गई थी, ताकि विरोधी गेंदबाजों को लगातार एक ही प्रकार के बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी करने का लाभ न मिले।
मैनचेस्टर मुकाबले पर टिकी नजरें
4 जुलाई को मैनचेस्टर में खेले जाने वाले दूसरे टी20 मुकाबले में सभी की निगाहें टीम चयन पर होंगी। यदि टीम प्रबंधन संतुलन को प्राथमिकता देता है तो संजू सैमसन को एक और मौका मिल सकता है, जबकि वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू के लिए कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।
वैभव पर भविष्य की बड़ी उम्मीदें
हालांकि वैभव सूर्यवंशी को लेकर टीम प्रबंधन और क्रिकेट विशेषज्ञों में काफी उत्साह है। युवा बल्लेबाज को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है, लेकिन फिलहाल टीम संयोजन और रणनीतिक जरूरतें उनके डेब्यू के रास्ते में बाधा बनती नजर आ रही हैं।
