
लखनऊ में UGC के नए नियमों के समर्थन में प्रदर्शन करना सुहेलदेव आर्मी और मार्शल समाज को महंगा पड़ गया।
7 फरवरी को यूपी विधानसभा के बाहर हुए प्रदर्शन के मामले में 100 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। हजरतगंज थाना पुलिस ने यह कार्रवाई प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन करने के आरोप में की है।
Assembly के बाहर नारेबाजी, पुलिस से झड़प
शनिवार को सुहेलदेव आर्मी और मार्शल समाज के कार्यकर्ता विधानसभा के सामने सड़क पर बैठ गए और UGC नियमों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
हालात तब बिगड़े जब पुलिस ने प्रतिबंधित क्षेत्र का हवाला देकर हटाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
“मांगें शिक्षा की थीं, मामला कानून का बन गया।”
हिरासत से ईको गार्डन तक
पुलिस ने स्थिति काबू में करने के लिए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। सभी को बाद में ईको गार्डन छोड़ दिया गया। इसी दौरान परिवर्तन चौक पर धरना दे रहे छात्र संगठनों को हटाने भी हजरतगंज पुलिस पहुंची। देर रात तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
योगेश पासी का बयान: आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी ने कहा, “हमने UGC के समर्थन में विधानसभा के बाहर एकत्र होकर नारे लगाए। नए नियम उच्च शिक्षा में समानता और न्याय सुनिश्चित करेंगे।”

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन और तेज होगा।
Supreme Court की एंट्री से बढ़ा बवाल
UGC के नए नियमों पर विवाद तब और बढ़ गया जब सुप्रीम कोर्ट ने नियमों पर रोक लगा दी। सवर्ण समाज ने नियमों को भेदभावपूर्ण बताया। SC ने UGC को नोटिस जारी कर समीक्षा के आदेश दिए। यानि मामला अब सड़क से निकलकर सीधे अदालत की चौखट तक पहुंच चुका है।
“समर्थन में उतरे लोग, लेकिन कानून ने सख्त स्टैंड ले लिया।” UGC नियमों को लेकर लड़ाई अब सिर्फ शिक्षा नीति की नहीं, सड़क, सिस्टम और सुप्रीम कोर्ट – तीनों मोर्चों पर चल रही है।
अब जमीन नहीं, PAN बोलेगा! UP में बिना PAN के रजिस्ट्री फेल
