
तमिलनाडु की राजनीति में बयानबाज़ी का नया अध्याय खुल गया है। डीएमके नेता और डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेता-से-राजनीतिज्ञ बने विजय और उनकी पार्टी TVK (Thalapathy Vijay Makkal Iyakkam) पर करारा प्रहार किया।
डीएमके के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उदयनिधि ने कहा — “कई नई पार्टियां सिर्फ डीएमके की विचारधारा को कमजोर करने के लिए आ रही हैं। लेकिन बिना विचारधारा वाली पार्टी गत्ते के बक्से जैसी होती है — हवा चली और उड़ गई!”
यह बात भले ही उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कही हो, पर सियासी गलियारों में सबको पता है कि तीर किसकी तरफ़ छोड़ा गया है।
गत्ते का बक्सा थ्योरी — पॉलिटिक्स में नया रूपक!
उदयनिधि ने अपनी बात को ताजमहल और एफिल टावर के उदाहरण से समझाया।
उन्होंने कहा — “लोगों ने इनकी तस्वीरें देखकर गत्ते से मॉडल बना दिए, लेकिन वे दिखने में खूबसूरत थे पर टिकाऊ नहीं। ऐसा ही हाल उन पार्टियों का है जिनकी कोई विचारधारा नहीं होती।”
मतलब साफ़ है — TVK अभी गत्ते का बक्सा है, डीएमके पत्थर की नींव!
“डीएमके बलिदान से बनी है, हवा से नहीं”
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि डीएमके की नींव त्याग, बलिदान और जनता के संघर्ष से बनी है। “हमारी पार्टी विचारधारा पर खड़ी है, जबकि नई पार्टियां पब्लिसिटी पर।”
उन्होंने साथ ही AIADMK पर भी तंज कसा — “हम अपनी ज़मीन पर मज़बूती से खड़े हैं, हमें विचारधारा चलाती है, जबकि एडाप्पडी पलानीस्वामी को डर चलाता है!”

पहले भी कसा था Vijay पर तंज – ‘Saturday Politician!’
ये पहला मौका नहीं है जब उदयनिधि ने विजय पर हमला बोला हो। कुछ दिन पहले उन्होंने विजय को ‘शनिवार राजनेता’ कहकर चुटकी ली थी — मतलब, “फिल्मी शेड्यूल फुल तो राजनीति शनिवार को!”
सियासी हलकों में कहा जा रहा है कि DMK अब TVK को सिर्फ “नई पार्टी” नहीं, बल्कि “नया खतरा” मानने लगी है।
‘Cardboard vs Concrete’
तमिलनाडु की सियासत अब कॉलीवुड सीक्वल जैसी लग रही है — पहला पार्ट DMK vs AIADMK था, अब दूसरा पार्ट DMK vs TVK है।
लेकिन जनता सोच रही है — “राजनीति में कौन टिकेगा — गत्ते का बॉक्स या पत्थर की बिल्डिंग?”
राजनीति में अब डायलॉग से ज़्यादा “कंप्रेशन टेस्ट” की ज़रूरत है — कौन कितना टिकाऊ है, ये चुनाव बताएगा!
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