
पटना के राजनीतिक गलियारों में गर्मी बढ़ गई है! महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार की जनता ने इस बार “बदलाव” के नाम पर वोट डाला है।
उन्होंने कहा, “माहौल पॉजिटिव है, जनता हमें आशीर्वाद दे रही है। अबकी बार जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है — और 11 नवंबर को फिर से यही फैसला दोहराएगी।”
EVM, VVPAT और CCTV पर सवाल
तेजस्वी ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। बोले — “जहां-जहां VVPAT पर्चियां मिलीं और CCTV गायब हुआ, वहां चुनाव आयोग को जवाब देना होगा। अगर वीडियो गायब हैं, तो ये कौन सी पारदर्शिता है?”
उनका तंज था — “अगर गड़बड़ करने की कोशिश करेंगे, तो भी कुछ नहीं होगा। जनता ने भारी संख्या में हमारे पक्ष में वोट किया है।”
आरक्षण और BJP पर वार
तेजस्वी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर आरक्षण को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा — “65% आरक्षण हमने दिया था, लेकिन न पीएम बोल रहे हैं न कोई केंद्रीय मंत्री। भाजपा इस मुद्दे से भाग रही है।” उन्होंने आगे तंज कसा — “भाजपा के नेता 65% आरक्षण खाकर ‘कट्टा सॉन्ग’ पर भाषण दे रहे हैं। गुजरात में फैक्ट्री की बातें और बिहार में गानों की चर्चा कर रहे हैं!”
‘हिसाब दो’ पॉलिटिक्स: गुजरात बनाम बिहार
तेजस्वी ने भाजपा से सीधा सवाल पूछा — “11 साल में बिहार को क्या दिया? पढ़ाई, कमाई, सिंचाई और दवाई पर बात क्यों नहीं?”
उन्होंने कहा, “गुजरात को क्या मिला और बिहार को क्या मिला, ये जनता को बताया जाए।”
यह बयान बिहार चुनाव की बहस को गुजरात मॉडल बनाम बिहार सवाल के फ्रेम में ले आया है।

तेजस्वी के तेवर देखकर लगता है कि वो सिर्फ बैलट बॉक्स नहीं, बल्कि नैरेटिव बॉक्स भी जीतना चाहते हैं।
BJP जहां “कट्टा” सॉन्ग पर कटाक्ष कर रही है, वहीं RJD प्रमुख के बेटे अब “कट्टा नहीं, वोट्टा चलेगा!” का नारा गढ़ चुके हैं।
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