तेहरान में धमाके, Middle East में ‘War Mode’ ऑन?

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

रमजान के पवित्र महीने में जब इबादत और अमन की उम्मीद की जाती है, उसी दौरान Tehran के शाहरियार इलाके में जोरदार धमाकों की खबरों ने माहौल बदल दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान में उठता काला धुआं और तेज धमाके की आवाज सुनी जा सकती है।

हालांकि आधिकारिक तौर पर विस्फोट के कारण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय मीडिया में इसे संभावित सैन्य हमले से जोड़कर देखा जा रहा है।

IRGC ठिकाने पर हमले की अटकलें

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के गोला-बारूद या सैन्य ईंधन भंडार को निशाना बनाया गया हो सकता है।

US-Iran nuclear talks के विफल होने के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी तेज है। Analysts का मानना है कि “limited strikes” के जरिए pressure tactics अपनाए जा सकते हैं, हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

शिराज में भी धमाके की आवाज?

Tehran के अलावा शिराज प्रांत में भी विस्फोट जैसी आवाज सुनने की खबरें सामने आई हैं। लेकिन वहां के प्रशासन ने फिलहाल कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं किया है।

कहानी में कई सवाल हैं और जवाब अभी धुएं में ही छिपे हैं।

America की Military Posture क्या कहती है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, अरब सागर और फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ी है। दो aircraft carriers — USS Abraham Lincoln और USS Gerald R. Ford क्षेत्र में तैनात बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा advanced fighter jets और missile defense systems भी सक्रिय हैं। Experts इसे “deterrence strategy” बता रहे हैं — यानी सीधा हमला नहीं, लेकिन readiness का साफ संकेत।

JCPOA से शुरू हुई दरार

US-Iran तनाव की जड़ें 2015 के JCPOA (Iran Nuclear Deal) में हैं। उस समझौते के तहत ईरान ने uranium enrichment सीमित करने पर सहमति दी थी।

2018 में अमेरिका के समझौते से बाहर निकलने के बाद रिश्तों में खटास बढ़ी — और तब से diplomatic ping-pong जारी है।

अब सवाल यही है क्या यह सिर्फ दबाव की रणनीति है? या Middle East एक बड़े टकराव की तरफ बढ़ रहा है?

Ground Reality: Confirmation का इंतजार

फिलहाल, आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी। लेकिन इतना तय है Tehran Explosion News ने global security circles में हलचल जरूर बढ़ा दी है। War headlines जल्दी बनती हैं, लेकिन उनके असर लंबे समय तक चलते हैं।

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