बिहार में वोटर ‘मरे’, सुप्रीम कोर्ट जागा- चुनाव आयोग से मांगा जवाब

बिहार में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) अभियान के दौरान 65 लाख वोटरों के नाम लिस्ट से हटा दिए गए। चुनाव आयोग का दावा है कि यह नाम या तो मृतकों के हैं, या जिन्होंने पता बदल लिया है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस तर्क से संतुष्ट नहीं। कोर्ट ने पूछा, “जिंदा होकर भी ‘मरे’ क्यों बताए गए?” — और इसी एक लाइन से पूरा मामला चर्चा में आ गया। दो टूक: “15 जिंदा लोग लाइए, जिन्‍हें मृत घोषित किया गया” जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा…

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