8 मार्च आते ही दुनिया भर में International Women’s Day के पोस्टर, भाषण और सोशल मीडिया मैसेज दिखाई देने लगते हैं। लेकिन सच पूछिए तो महिलाओं की असली लड़ाई सिर्फ एक दिन की नहीं होती। सुबह से रात तक घर, ऑफिस, बच्चों और रिश्तों की जिम्मेदारी निभाते-निभाते अक्सर महिलाएं खुद को ही भूल जाती हैं। यही वजह है कि आज के दिन सिर्फ सेलिब्रेशन नहीं, बल्कि खुद को मजबूत बनाने का संकल्प ज्यादा जरूरी है। सेहत को “बाद में” नहीं, अभी प्राथमिकता दें भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं तब डॉक्टर…
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