Donald Trump एक बार फिर अपने “America First” अवतार में लौट आए हैं — और इस बार निशाने पर है चीन और उसका ‘Divide and Rule’ वर्जन 2.0। ट्रंप का ताज़ा आरोप: चीन अमेरिका से सोयाबीन नहीं खरीद रहा, बल्कि अर्जेंटीना से ले रहा है — और ये सब अमेरिका-अर्जेंटीना के रिश्तों में दरार डालने की चाल है। ट्रंप बोले, “China को फूट डालकर फायदा उठाना अच्छा लगता है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे… soy को सॉरी कर देंगे!” So(y) Called Trade War: सोयाबीन बना वजह बहस की! ट्रंप…
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100% टैरिफ? चीन बोला – हम डरते नहीं, उल्टा गिनाएंगे!
जब भी लगता है कि अमेरिका और चीन के रिश्ते थोड़ा नॉर्मल हो रहे हैं, तभी एक नया एपिसोड शुरू हो जाता है — और इस बार का नाम है: “टैरिफ टशन 2.0”! चीन का बड़ा बयान: “लड़ाई शुरू अमेरिका ने की है, लेकिन खत्म हम करेंगे!” चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज़ जारी की है जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगी।बयान का सार कुछ यूं था: “हम झगड़ा नहीं चाहते, लेकिन अगर कोई हमें चाय के साथ थप्पड़ परोसना चाहे, तो हम उसकी पूरी थाली पलट…
Read More“सॉफ्टवेयर पर वार, ट्रेड पर तकरार: ट्रंप बोले अब जिनपिंग से मिलना फिजूल!”
चीन ने 9 अक्टूबर को ऐसा बटन दबा दिया, जिससे अमेरिका का मिज़ाज ही बदल गया। बात हो रही है रेयर अर्थ एलिमेंट्स, टंगस्टन और मोलिब्डेनम के एक्सपोर्ट कंट्रोल की। अमेरिका को लगा ये सिर्फ व्यापार नहीं, सीधा ‘नेशनल सिक्योरिटी’ पर हमला है। और फिर… ट्रंप ने वही किया जो उनसे उम्मीद की जाती है — 100% टैरिफ का ऐलान। अब सॉफ्टवेयर भी नहीं बचे! 1 नवंबर 2025 से अमेरिका में चीन से आने वाले हर प्रोडक्ट पर 100% अतिरिक्त टैक्स लगेगा — जी हां, मतलब सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, टी-शर्ट और…
Read MoreTrump Vs China: टैरिफ की डेडलाइन बढ़ी, मंदी टली या राजनीति?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर लगाए गए टैरिफ की समय सीमा को 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिका-चीन व्यापार तनाव चरम पर था, और वैश्विक बाजारों में मंदी की आशंका गहराने लगी थी। ट्रंप के इस कदम को कई विशेषज्ञों ने रणनीतिक नरमी बताया है, जिससे बाजारों को अस्थिरता से राहत मिली और राजनीतिक रूप से भी फायदा नजर आया। चीन-अमेरिका के बीच कैसे घटा टैरिफ टकराव? अप्रैल 2025 में अमेरिका ने चीनी वस्तुओं पर 145% टैरिफ…
Read MoreiPhone बना इंडिया में, झटका गया व्हाइट हाउस तक!” — ऐपल ने ट्रंप को दिखाया असली ट्रैक
कभी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी उम्मीदों से कहा था — “ऐपल को अमेरिका में iPhone बनाना चाहिए!” लेकिन ऐपल ने क्या किया? भारत को चुना। और न सिर्फ चुना, बल्कि iPhone क्रांति की कमान भी भारत को थमा दी। अब इस व्यापारिक कदम की गूंज सिर्फ सिलिकॉन वैली तक नहीं, व्हाइट हाउस की दीवारों में भी गूंज रही है। डिकपलिंग की दुनिया में व्यापार अब भरोसे से नहीं, बचाव से चलता है भारत: अब बाजार नहीं, मैन्युफैक्चरिंग महारथी फॉक्सकॉन, टाटा और पेगाट्रॉन — ये कोई फिल्मी त्रिमूर्ति नहीं,…
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