महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ घटनाएं चुनाव नहीं, कालखंड बदलती हैं। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का 20 साल बाद साथ आना ऐसी ही एक घटना है। यह सिर्फ दो भाइयों का मिलन नहीं, बल्कि Marathi politics का reset button है। जहां बीते दो दशकों से मराठी वोट बंट रहा था, वहीं अब पहली बार consolidation का serious attempt दिख रहा है। सवाल ये नहीं कि दोनों साथ आए — सवाल ये है कि किस कीमत पर और किसके खिलाफ? क्यों खास है यह Reunion? (Why This Alliance Matters) 2006…
Read MoreTag: Uddhav Thackeray
ठाकरे ब्रदर्स की वापसी! 20 साल बाद साथ, BMC में ‘मराठी पावर’ का ऐलान
महाराष्ट्र की सियासत में वो हुआ, जिसकी चर्चा सालों से whisper mode में चल रही थी। 20 साल पुरानी कड़वाहट को पीछे छोड़ते हुए शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने एक बार फिर हाथ मिला लिया है। बुधवार को Uddhav Thackeray और Raj Thackeray ने साथ आने का ऐलान कर दिया — और साथ ही साफ कर दिया कि BMC चुनाव दोनों पार्टियां मिलकर लड़ेंगी। मतलब साफ है मराठी वोट अब बंटेगा नहीं। 2006 की टूट, 2025 का टर्निंग पॉइंट साल 2006 में राज ठाकरे के शिवसेना से अलग…
Read More“96 लाख वोटर कहां से आए भाई?” – वोटर लिस्ट पर घमासान
महाराष्ट्र की राजनीति में गर्मी अक्टूबर की धूप से ज़्यादा तेज हो गई है, और वजह है – 96 लाख ‘वोटर जो पहले थे ही नहीं’। MNS प्रमुख राज ठाकरे ने सीधे चुनाव आयोग से सवाल किया कि “किधर से आए इतने लोग?” उन्होंने तो यहां तक कह दिया, “जब तक हर घर जाकर वोट गिनती नहीं होती, तब तक चुनाव न कराओ!” मतलब अब चुनाव से पहले ‘घर-घर वोट सर्वेक्षण योजना’ चालू करने की मांग हो रही है। ‘वोट फिक्सिंग’ की खुली किताब: शिवसेना (UBT) और संजय राउत का…
Read More“Pakistan Bomb फेंके, हम मैच खेलें?” – Match पर मचा बवाल!
Asia Cup 2025 में भारत-पाकिस्तान का हाई वोल्टेज मुकाबला जैसे ही शेड्यूल हुआ, सोशल मीडिया से लेकर सियासत तक बवाल मच गया। इसकी बड़ी वजह है 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला, जिसमें 22 निर्दोष लोगों की जान गई थी। देश भर में इस घटना को लेकर गुस्सा है, और अब जब भारत-पाक मैच की तारीख नज़दीक आई है, लोग इसे “शहीदों का अपमान” मान रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर: भारत की जवाबी कार्रवाई हमले के बाद भारत ने मई में “ऑपरेशन सिंदूर” लॉन्च किया। इस…
Read Moreस्ट्रॉबेरी, हल्दी और बांस के बाद शिंदे बो रहे एवोकाडो ‘हरियाली मिशन’ में छुपा है क्या ?
महाराष्ट्र की राजनीति में जहां एक तरफ राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के मिलन की सुगबुगाहट है, वहीं दूसरी ओर एकनाथ शिंदे सीधे गांव की मिट्टी में उतरकर “पौधारोपण की राजनीति” कर रहे हैं। हाँ जी, डिप्टी सीएम साहब खुद फावड़ा-कुदाल उठाकर खेत में एवोकाडो उगा रहे हैं। क्योंकि जब दिल्ली में राज चलाना भारी लगे, तो सतारा की मिट्टी ही सच्चा आराम देती है! You may also like: “जब हर दिन शादी लगे अदालत, और बीवी बोले – आपत्ति है! तब काम आएगी हमारी सलाह एवोकाडो: फल नहीं, ‘फ्यूचर पॉलिसी’…
Read More