महाराष्ट्र की राजनीति में आज ऐसा राजकीय सूर्योदय हुआ है, जिसने दशकों पुराने सियासी किलों को इतिहास की किताबों में धकेल दिया।देश की सबसे अमीर महानगरपालिका BMC (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) के नतीजों और रुझानों ने यह साफ कर दिया है कि मुंबई की गलियों में अब सिर्फ “मराठी मानुस” नहीं, बल्कि “विकास, संगठन और सत्ता” की आवाज़ गूंज रही है। जिस BMC में कभी ठाकरे परिवार की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता था, वहां अब महायुति (BJP-Shinde Sena) ने ऐसी सेंध लगाई है कि विपक्षी खेमा पूरी तरह आऊट…
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