Iran में मस्जिद जली, इंटरनेट कटा, सड़कों पर जनता vs मौलाना

ईरान इस वक्त Protest Explosion के दौर से गुजर रहा है। 28 दिसंबर से शुरू हुआ जनविरोध अब विकराल रूप ले चुका है। मौलाना शासन की सख्ती, इंटरनेट बैन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बावजूद जनता सड़कों से हटने को तैयार नहीं। अब तक यह आंदोलन 21 प्रांतों के 50 से ज्यादा शहरों में फैल चुका है, जिसने खामेनेई सरकार की नींव हिला दी है। तेहरान में अल-रसूल मस्जिद को बनाया निशाना शुक्रवार रात ईरान की राजधानी तेहरान में हालात बेकाबू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने अल-रसूल मस्जिद पर हमला…

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Iran में ‘Revolution 2.0’? खामेनेई के खिलाफ जनता का विस्फोट-45 मौतें

ईरान इस वक्त गृह अशांति (Civil Unrest) के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है। राजधानी तेहरान से लेकर तबरीज तक हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। नारे सीधे सत्ता के केंद्र पर हैं — “तानाशाही मुर्दाबाद”, “इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद”। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सरकार ने मोबाइल नेटवर्क बंद, इंटरनेट की लाइनें काट दीं। लेकिन गुस्से का नेटवर्क अब ऑफलाइन भी काम कर रहा है। Violence Escalates: आग, पत्थर और आंसू गैस बीती रात तेहरान में हालात उस वक्त बेकाबू हो गए जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को…

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