एक मित्र घर आए। चेहरे पर गंभीरता, आवाज़ में मिठास और दिमाग में कैलकुलेटर। बोले—“बहन के लिए लड़का देखना है… मालदार हो, एकलौता हो।” हमने सोचा ठीक है, आजकल ‘स्टार्टअप पिच’ की तरह रिश्ते भी प्रेजेंट होते हैं। लेकिन असली पंचलाइन तो बाद में आई“और अगर घर में सिर्फ बाप हो तो और भी अच्छा रहेगा… सास होगी तो दिनभर खून पीएगी।” इतना कहते हुए वो हंस रहे थे। और सामने बैठी उनकी पत्नी मतलब भाभी जी के चेहरे के भाव कह रहे थे, “बेटा, आज घर चल… theory और practical…
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ओपन लेटर टू आनंद महिंद्रा: थार के दीवानों ने सड़क को रनवे बना डाला!
आदरणीय आनंद महिंद्रा जी,सादर प्रणाम!आपसे ये ओपन लेटर इसलिए लिख रहे हैं क्योंकि आपकी कंपनी की महिंद्रा थार अब केवल एक SUV नहीं रही। ये अब एक सोशल स्टेटस, रफ्तार का प्रतीक, और कुछ लोगों के लिए तो सीधा मासूम जनता के लिए खतरा बन चुकी है। थार नहीं रही कार, अब तो रोड की ‘रईस बला’ है! भैया, थार की ड्राइविंग सीट पर बैठते ही जैसे ही Instagram reels वाला बैकग्राउंड म्यूज़िक बजने लगता है – “बापू ज़रा धीरे चलो…” मगर भाई लोग उस गाने को चैलेंज समझ लेते…
Read Moreगुस्ताखी माफ़! महंगाई इतनी बढ़ी कि 100 में नहीं, अब 112 में आती है पुलिस!
100 नंबर गया… अब 112 डायल करिए, लेकिन Balance Check कर लीजिए! एक ज़माना था जब किसी भी खतरे में लोग बोलते थे – “जल्दी से 100 नंबर लगाओ!” अब वही लोग कहते हैं – “भाई, 112 ही लगाना, 100 तो महंगाई में फेल हो गया!” लगता है जैसे इमरजेंसी नंबर भी इस देश की मंहगाई को झेल नहीं पाया और खुद का अपग्रेडेशन करवा लिया। प्याज़ इतना महंगा कि काटो तो आँखों से आँसू नहीं, EMI निकलती है! महंगाई का लेवल अब इतना “Pro Max” हो गया है कि ₹100…
Read Moreमास्टरजी बनेंगे Dog Census अफसर- प्रशासन का नया ‘डॉग मिशन’ प्लान
“टीचर्स पढ़ाएंगे नहीं… अब भौंकने गिनेंगे!” जी हां, अब मास्टर जी सिर्फ स्कूलों में नहीं बल्कि गलियों में भी मिलेंगे — वो भी रजिस्टर लिए, कुत्तों को गिनते हुए। प्रशासन ने फरमान जारी किया है कि कुत्तों की जनगणना के लिए शिक्षा विभाग की मदद ली जाएगी। सरकारी आदेश आया – “हर वार्ड में गली-गली जाकर कुत्तों की संख्या नोट की जाए।” अब मास्टर जी उलझन में हैं कि बैलगाड़ी से चले जाएं या रजिस्टर फेंक कर ही भाग लें? “Education to Enumeration” – नया सिलेबस! “अभी तक बच्चों के…
Read Moreओ देशभक्त! तिरंगा लेकर “Fast & Furious – Bharat Edition” बंद करो
15 अगस्त की सुबह… स्कूलों में राष्ट्रगान गूंजा, कॉलोनी में झंडा फहराया गया, और मोहल्ले के वर्मा अंकल ने भी 3 किलो लड्डू बांटे। बच्चों ने “भारत माता की जय” चिल्लाया और युवाओं ने बाइक की आवाज़ से आसमान फाड़ दिया। अब जब सब हो गया है, तो भाई… घर चलो। देशभक्ति की रेस में पेट्रोल का बलिदान क्यों? सुबह से “तीन रंग की शान” में जो बाइकों और स्कूटीज़ की कतारें लगी हैं, वो पेट्रोल पंप वालों को स्वतंत्रता नहीं बोनस दिला रही हैं।जब अगली बार तुम “150 ₹/लीटर”…
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