23 साल से हर साल होती है ‘मौत के बाद शादी’! मां-बाप का दर्द बना आस्था

ये कोई फिल्मी कहानी नहीं… ये दर्द का वो सच है, जो हर साल सजता है—शादी के मंडप में। तेलंगाना के एक छोटे से गांव में, जहां हर साल ढोल-नगाड़े बजते हैं, बारात निकलती है… लेकिन दूल्हा जिंदा नहीं होता। 23 साल से एक मां-बाप अपने मृत बेटे की शादी करा रहे हैं—हर साल, पूरे रीति-रिवाज के साथ। सवाल उठता है—ये पागलपन है या प्यार की पराकाष्ठा? दर्द से जन्मी परंपरा: एक अधूरी प्रेम कहानी महबूबाबाद जिले की यह कहानी किसी भी दिल को झकझोर सकती है। लालू और सुक्कम्मा…

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