“मम्मी नहीं!”—7 साल की बेटी बनी ‘जीवन रक्षक’, मौत को मात देती चीख

रेल की पटरियों पर दौड़ती ट्रेनें आमतौर पर यात्रियों को मंज़िल तक पहुंचाती हैं लेकिन अलीगढ़ में एक पल ऐसा आया जब वही पटरी किसी की जिंदगी का आखिरी स्टेशन बनने वाली थी। और तभी एक सात साल की नन्ही आवाज़ गूंजी—“मम्मी नहीं!”उस एक चीख ने मौत की रफ्तार को ब्रेक लगा दिया। “स्टेशन बना जंग का मैदान” Aligarh Railway Station पर उस दिन सब कुछ सामान्य था भीड़, announcements, आती-जाती ट्रेनें। लेकिन इस रोजमर्रा के शोर में एक मां की चुप्पी छिपी थी, जो भीतर से टूट चुकी थी।…

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