हीरो नहीं, जिम्मेदार इंसान बनो बेटा!

कभी कहा जाता था “बेटी को संभालकर रखो”, अब समझदार लोग कहते हैं “बेटे को समझदार बनाओ।” समाज evolve हो रहा है। ऐसे में एक पिता की भूमिका सिर्फ कमाने वाले की नहीं, बल्कि character builder की भी है। बेटे को यह सिखाना जरूरी है कि ताकत का मतलब दबाना नहीं, संभालना होता है। 1. Respect is the Real Power सबसे पहली नसीहत Respect सबके लिए। चाहे दोस्त हो, सहपाठी हो, colleague हो या partner। Consent क्या होता है, boundaries क्या होती हैं ये बातें घर से ही शुरू होती हैं। हीरो वही…

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जर्मनी की मेट्रो में बैठा हिंदुस्तानी लड़का एक सुंदरी और नियति का खेल

जर्मनी की एक मेट्रो में खींची गई एक तस्वीर— एक अनमना, परेशान, थका हुआ हिंदुस्तानी लड़का… और उसके बगल में बैठी दुनिया भर में फेमस एक्ट्रेस। लड़का नहीं जानता, लड़की को फर्क नहीं पड़ा…और दुनिया?वो इस तस्वीर पर टूट पड़ी। Der Spiegel की तलाश: ‘मिलिए, जर्मनी के सबसे वायरल अजनबी से’ जर्मनी की मशहूर मैगज़ीन Der Spiegel ने जैसे ही यह फोटो देखी, बस एक ही मिशन शुरू किया “Find the Indian Guy!” सोशल मीडिया, पब्लिक ग्रुप्स, लोकल कनेक्शन—सब लग गए। तलाश खत्म हुई म्यूनिख में। और सच सामने आया-…

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Civil Services Motivation: द्वारिका चाहिए? तो मथुरा त्यागनी ही पड़ेगी

कई बार जिंदगी हमें एक कंफर्टेबल जगह दे देती है—एक “जीती हुई मथुरा”, जहाँ सब कुछ ठीक चल रहा होता है।लेकिन अगर लक्ष्य कुछ बड़ा है, जैसे Civil Services में जाना, IAS बनना, या समाज में बदलाव लाना…तो फिर उसी कंफर्ट ज़ोन को त्यागना पड़ता है। इसी विचार को एक लाइन में शानदार तरीके से कहा गया है— “बाबू भाई, अपनी द्वारिका बनानी हो तो जीती हुई मथुरा त्यागनी पड़ती है।” यानी अगर सपना बड़ा है, तो कीमत भी बड़ी होगी। Civil Services: सपना बड़ा, मेहनत उससे भी बड़ी Civil…

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