देशभर में Zomato, Swiggy, Blinkit, Zepto और अन्य प्लेटफॉर्म्स से जुड़े गिग वर्कर्स सड़कों पर उतर आए हैं। यह हड़ताल Gig and Platform Service Workers Union (GIPSWU) के बैनर तले की जा रही है। गिग वर्कर्स का कहना है कि 26 जनवरी की हड़ताल के बाद भी न कंपनियों ने सुना, न सिस्टम ने समझा, इसलिए अब काम बंद कर सड़कों पर उतरना ही आख़िरी विकल्प बचा है। यह विरोध सिर्फ सैलरी का नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और पहचान की लड़ाई बताया जा रहा है। हड़ताल क्यों कर रहे हैं…
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Zomato-Swiggy ने New Year Eve पर बढ़ाए Incentives, Payout
31 दिसंबर — साल का सबसे बिजी और कमाऊ दिन, लेकिन इस बार यही दिन Zomato और Swiggy के लिए सबसे बड़ा रिस्क भी बन गया।डिलीवरी वर्कर्स ने बेहतर सैलरी, बीमा और सोशल सिक्योरिटी की मांग को लेकर हड़ताल का ऐलान कर दिया था। हड़ताल के असर से बचने के लिए अब Zomato और Swiggy ने New Year Eve पर इंसेंटिव और पेडआउट बढ़ाने की घोषणा कर दी है। “14–16 घंटे सड़क पर, फिर भी कमाई कम” – डिलीवरी एजेंट डिलीवरी पार्टनर्स का आरोप है कि 14 से 16 घंटे…
Read MoreNo Delivery! 10-Minute Speed पर ब्रेक, डिलीवरी वर्कर्स सड़कों पर
भारत की gig economy में काम करने वाले लाखों डिलीवरी वर्कर्स ने 31 दिसंबर 2025 को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल का असर Swiggy, Zomato, Zepto, Blinkit, Amazon और Flipkart जैसी बड़ी कंपनियों की डिलीवरी सेवाओं पर पड़ सकता है। इससे पहले Christmas Day पर भी सीमित स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद अब यूनियनों ने New Year Eve पर बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। कौन कर रहा है आंदोलन का नेतृत्व? इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे हैं: Telangana Gig…
Read Moreखत्म हुआ कफ़ाला सिस्टम, भारतीय कामगारों के लिए राहत की खबर!
सऊदी अरब ने आखिरकार वह कर दिखाया, जिसका इंतज़ार लाखों विदेशी कामगार (खासकर भारतीय) सालों से कर रहे थे। दशकों पुरानी ‘कफ़ाला स्पॉन्सरशिप सिस्टम’ को खत्म कर दिया गया है — जिसे मानवाधिकार संगठन लंबे समय से ‘आधुनिक गुलामी’ (Modern Slavery) कहते रहे हैं। अब एक नया कॉन्ट्रैक्ट-बेस्ड रोजगार सिस्टम लागू होगा, जो सऊदी अरब में काम कर रहे करीब 27 लाख भारतीयों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। अब कफ़ील की मर्ज़ी नहीं, कामगारों को मिलेगी नौकरी बदलने की आज़ादी नए नियमों के तहत अब कोई भी विदेशी कामगार…
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