Iran में ‘शांति’ लौटी… या डर का सन्नाटा? सड़कों पर टैंक, घरों में लोग

ईरान में हालात अब “सामान्य” दिखाए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी सच्चाई इससे कहीं ज़्यादा सख़्त है। जिन शहरों में बीते हफ्तों हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे, वहां अब IRGC और सेना की भारी तैनाती है।तेहरान, मशहद और इस्फहान जैसे बड़े शहरों की सड़कों पर टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और मशीनगनों से लैस ट्रक गश्त कर रहे हैं। लोग घरों से बाहर निकल तो रहे हैं, लेकिन सिर्फ रोज़मर्रा की मजबूरी में — protest की हिम्मत फिलहाल गायब है। Curfew Without Announcement आधिकारिक तौर पर कर्फ्यू घोषित नहीं किया गया, लेकिन…

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Iran में मस्जिद जली, इंटरनेट कटा, सड़कों पर जनता vs मौलाना

ईरान इस वक्त Protest Explosion के दौर से गुजर रहा है। 28 दिसंबर से शुरू हुआ जनविरोध अब विकराल रूप ले चुका है। मौलाना शासन की सख्ती, इंटरनेट बैन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बावजूद जनता सड़कों से हटने को तैयार नहीं। अब तक यह आंदोलन 21 प्रांतों के 50 से ज्यादा शहरों में फैल चुका है, जिसने खामेनेई सरकार की नींव हिला दी है। तेहरान में अल-रसूल मस्जिद को बनाया निशाना शुक्रवार रात ईरान की राजधानी तेहरान में हालात बेकाबू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने अल-रसूल मस्जिद पर हमला…

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