वो औरत जो कल तक दूसरों के घरों में झाड़ू-पोंछा करती थी… आज वही कानून बनाने वाली कुर्सी पर बैठने जा रही है।West Bengal की सियासत में यह सिर्फ एक जीत नहीं, सिस्टम के मुंह पर सीधा तमाचा है—जहां पैसों और पहुंच के खेल के बीच एक आम महिला ने पूरी स्क्रिप्ट पलट दी। कहानी यहां खत्म नहीं होती… असली सवाल है—क्या यह एक अपवाद है या बदलाव की शुरुआत? औसग्राम ने लिखी नई पटकथा Ausgram Assembly Constituency में जो हुआ, वह सिर्फ चुनावी आंकड़ा नहीं बल्कि जनभावना का विस्फोट…
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