“जगी बदन में ज्वाला” — खुला इशारा या तहज़ीबदार तड़प?

70 के दशक के गाने “जगी बदन में ज्वाला सैंया तूने क्या कर डाला” को सुनते ही आज के बच्चे बोले — “अरे, ये तो बोल्ड है!”पर जनाब, यही तो कमाल था पुराने दौर का, जहाँ fire of passion को ज्वाला कहा जाता था — ना कोई बीप की ज़रूरत, ना कोई हटाने लायक बोल — फिर भी हर शब्द में इशारा था, इश्क था और इंटेंसिटी थी। मतलब क्या हुआ असल में? लाइन का सीधा मतलब?“मेरे अंदर प्रेम की आग जग गई, सैंया तूने कमाल कर डाला।” आज के…

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