Prayagraj के ऐतिहासिक माघ मेले में आज मौनी अमावस्या के अवसर पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम तट पर पवित्र स्नान करने से इनकार कर दिया। संतों की परंपरा और प्रशासन की व्यवस्था आमने-सामने आ गई—और संगम की शांति राजनीति व प्रशासनिक टकराव में बदलती दिखी। पालकी संगम की ओर चली, फिर अचानक लौट गई सुबह शंकराचार्य अपनी पालकी में शिष्यों के साथ संगम नोज की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन रास्ते में अचानक उन्होंने पालकी रुकवाई और बीच रास्ते से ही अपने शिविर…
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