लखनऊ के लोक भवन में मंगलवार की कैबिनेट बैठक महज एक सरकारी औपचारिकता नहीं थी. यह उस प्रशासनिक स्क्रिप्ट का नया अध्याय था, जहां सरकार ने जमीन माफिया, फर्जीवाड़े और सिस्टम की ढिलाई पर एक साथ कई ताले जड़ने की कोशिश की.मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे Yogi Adityanath के सामने जब प्रस्तावों की फाइलें खुलीं, तो फैसले सिर्फ कागज पर नहीं रहे. 31 प्रस्तावों की मंजूरी ने प्रशासनिक मशीनरी को एक स्पष्ट संदेश दिया कि अब नियमों का खेल थोड़ा ज्यादा सख्त होने वाला है. रजिस्ट्री से पहले खतौनी जांच:…
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