रात में सब ठीक था…सुबह जब दरवाज़ा खुला—तो जमीन आपकी नहीं रही। न कोई बुलडोज़र…न कोई नोटिस…बस कुछ कागज़— और आपकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा झटका। सुल्तानपुर की गलियों में इन दिनों यही कहानी घूम रही है—जहां जमीन पर नहीं… कागज़ों पर कब्जा हो रहा है। “सुल्तानपुर: जहां कागज़ असली… और हक नकली” Sultanpur अब सिर्फ एक जिला नहीं…एक केस स्टडी बन चुका है—‘Paper Mafia Model’ की। यहां जमीन छिनने के लिए बंदूक नहीं उठती… फाइल उठती है। और आरोप है कि कुछ भू-माफिया नकली दस्तावेज़ बनाकर असली मालिकों को ही “ग़ैर-कानूनी” साबित कर…
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