13 साल मौत से जंग… खुद चुनी विदाई! आखिरी सांस के बाद ‘जिंदा’ रहा हरीश

राजनगर एक्सटेंशन की उस शाम में सिर्फ सन्नाटा नहीं था… वहां एक कहानी खत्म हुई थी—धीरे-धीरे, चुपचाप, लेकिन इतनी गहरी कि हर आंख नम हो जाए। 33 साल का एक युवक, जिसने 13 साल तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते हुए हर सांस उधार में जी, आखिरकार खुद अपनी विदाई का फैसला कर गया। यह सिर्फ एक मौत नहीं थी… यह सिस्टम, परिवार, और इंसानी जज़्बात की सबसे कठिन परीक्षा थी। 13 साल पहले की वो गिरावट… जिसने सब छीन लिया 2013… एक साधारण दिन। एक युवा इंजीनियरिंग स्टूडेंट,…

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