रामलीला का नया मंच बना भाईचारे का प्रतीक, मुस्लिम दर्जी ने दी जमीन

उत्तरप्रदेश के भदोही जिले के बड़ागांव गांव में मुस्लिम दर्जी अब्दुल रहीम सिद्दीकी उर्फ कल्लन ने अपनी पुश्तैनी जमीन रामलीला समिति को दान कर दी है। इस कदम से समाज में सद्भाव और एकता का संदेश गया है। रामलीला का लंबा इतिहास बड़ागांव में 1932 से रामलीला का आयोजन होता आ रहा है, लेकिन इतने वर्षों में स्थायी मंच नहीं बन पाया था। हर साल अस्थायी मंच बनाकर कार्यक्रम चलाया जाता था। अब्दुल रहीम ने यह कदम इसलिए उठाया, ताकि कलाकारों को कपड़े बदलने और सामग्री रखने में आसानी हो…

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दिवाली बनी World Heritage—इंडिया बोला: अब दुनिया भी जलाएगी दीये!

भारत के लिए ये हफ्ता सच में रोशन हो गया है—बल्ब बदलने वाली रोशनी नहीं, बल्कि UNESCO-Approved दिवाली वाली रोशनी! जी हां, दुनिया का सबसे बड़ा रोशनी का त्योहार अब केवल भारत की गली-मोहल्लों में ही नहीं, बल्कि ग्लोबल कल्चरल मैप पर भी दमक रहा है।यूनेस्को ने दिवाली को अपनी Intangible Cultural Heritage लिस्ट में शामिल कर लिया है, और सोशल मीडिया पर इसकी खुशी ऐसे फूटी है जैसे पटाखे पर extra फ्यूज़ लगा दिया हो। पीएम मोदी ने इसे “भारत की सभ्यता की आत्मा” कहा, तो दिल्ली सरकार ने…

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