अबे नेताजी चाहे ‘विकास’ के तिलक लगावसु, ‘सुशासन’ के चंदन चुपड़सु – वोट त ऊ जातिए के मिलेला जवन “गिनती में भारी” होखे। अऊ एही गिनती के पक्का सबूत बनाके लइलन नीतीश बाबू – जातीय सर्वे 2023। ई सर्वे में निकल के अइल कि बिहार में अतिपिछड़ा लोग सबसे बेसी बा (36.01%)। अब वोट के खेल में जहवाँ संख्या होला, ओहिजे सत्ता के सेंटर होला। 1994 से 2025 तक: नीतीश बाबू के जातीय महायुद्ध राजनीति में सब कुछ मिलावटी हो सकेला, बाकिर जाति त ऑरिजिनल ह। 1994 में लालू यादव…
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“ब्राह्मण बोले: बनाओ अध्यक्ष, हम देखेंगे कौन कितने पानी में है!”
उत्तर प्रदेश की राजनीति फिर से गर्म है। नहीं-नहीं, इस बार न बिजली बिल का मुद्दा है, न किसान आंदोलन। मुद्दा है — “ब्राह्मण वोट बैंक”, जो 2027 के चुनावी रण में ‘शंखध्वनि’ कर चुका है। BJP की ब्राह्मण-बुद्धि: अध्यक्ष पद पर बौद्धिक ‘जुगाड़’ बीजेपी ने योग-मुद्रा से निकल कर अब ‘ब्राह्मण मुद्रा’ अपना ली है। पार्टी का मास्टरस्ट्रोक? “अध्यक्ष ब्राह्मण बनाओ, नाराज़गी भगाओ।” डॉ. दिनेश शर्मा जैसे शांत और सज्जन नेता से लेकर मनोज तिवारी जैसे ‘ढोल नगाड़े’ वाले चेहरे तक सबकी कुंडली खोली जा रही है। ब्राह्मण समाज…
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