Gadarandhar: तारा और हमजा साथ आए… तो ‘येलीना’ भी सरहद पार हो गई

सिनेमा की दुनिया में कुछ ख्याल आते नहीं… टकराते हैं। और जब टकराते हैं तो स्क्रीन नहीं—सीधा दिमाग हिलाते हैं।कल्पना कीजिए… सरहद पर धूल उड़ रही है… बैकग्राउंड में ढोल नहीं, दिल धड़क रहा है… और उसी धुएं के बीच से निकलते हैं Tara Singh — हाथ में हैंडपंप नहीं, इस बार मिशन है! दूसरी तरफ… एक ठंडा, calculated, surgical दुनिया का दिमाग—Aditya Dhar की universe का एजेंट हमजा। और फिर… एक नाम—येलीना। यहीं से शुरू होता है… “गदरंधर” जब गदर की गरज मिली धुरंधर की चाल से “गदर” सिर्फ फिल्म…

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