सोशल मीडिया के दौर में अक्सर यह गलत धारणा फैलाई जाती है कि Shiva नशे के प्रतीक हैं। लेकिन शास्त्रों में कहीं भी ऐसा उल्लेख नहीं मिलता कि उन्होंने नशे को जीवनशैली या आनंद का माध्यम बताया हो। यह भ्रम लोककथाओं और प्रतीकों की अधूरी समझ से पैदा हुआ है। शिव पुराण क्या कहता है? Shiva Purana में शिव को योगेश्वर, महातपस्वी और वैराग्य के प्रतीक के रूप में वर्णित किया गया है। एक प्रसिद्ध श्लोक में कहा गया है: “नित्यं योगरतं शान्तं निरहंकारमव्ययम्।”अर्थ: जो सदा योग में स्थित, शांत और अहंकार…
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