“हादी चले गए, सवाल छोड़ गए: जनाजे में उमड़ा सैलाब, इंसाफ की गूंज”

बांग्लादेश की सियासत आज उस वक्त भारी हो गई जब इक़बाल मंच के युवा नेता उस्मान हादी को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मणिक मिया एवेन्यू से लेकर कब्रिस्तान तक मानो जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों लोग—युवा, बुजुर्ग, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता—हादी को आख़िरी सलाम देने पहुंचे। “इंसाफ चाहिए” के नारों से गूंजा इलाका जनाजे के दौरान सिर्फ आंसू नहीं थे, बल्कि इंसाफ के नारे भी थे। भीड़ का साफ संदेश था— “हादी की शहादत को बेकार नहीं जाने देंगे।” यह जनाजा सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि राजनीतिक चेतावनी भी बन गया।…

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Hadi बना बांग्लादेश की नई आग! भारत की चौखट तक हिंसा की लपटें

बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस रहा है, लेकिन इस बार वजह पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना नहीं, बल्कि उनके कट्टर विरोधी और युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत है। सिंगापुर में गुरुवार को हादी के निधन की पुष्टि होते ही ढाका समेत कई शहरों में हालात बेकाबू हो गए। What Triggered the Violence? दरअसल, 12 दिसंबर को चुनाव प्रचार के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने हादी के सिर में गोली मार दी थी। गंभीर हालत में पहले उन्हें ढाका, फिर सिंगापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।…

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“Delhi से Dhaka तक बवाल: अवामी लीग के ऑफ़िस पर बांग्लादेश भड़का!”

भारत की राजधानी दिल्ली और कोलकाता में बांग्लादेश की प्रतिबंधित राजनीतिक पार्टी ‘अवामी लीग’ के कथित दफ्तरों की खबरों ने बांग्लादेश सरकार को झकझोर दिया है।बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इसे दो देशों के पुराने रिश्तों के लिए खतरनाक बताया है। “अवामी लीग की गतिविधियां भारत-बांग्लादेश की दोस्ती और सहयोग को सीधा नुकसान पहुंचा सकती हैं।” — बांग्लादेश विदेश मंत्रालय बांग्लादेश की चिंता क्या है? बांग्लादेश ने साफ शब्दों में कहा है: प्रतिबंधित दल अवामी लीग का भारत में दफ्तर खुलना स्वीकार्य नहीं। भारतीय धरती पर बैठकर कोई बांग्लादेश विरोधी…

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