बागपत की मलकपुर चीनी मिल में नया पेराई सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन किसानों के लिए यह सत्र उम्मीद नहीं, उधारी का नया चैप्टर लेकर आया है। पिछले साल का 184 करोड़ बकाया अब बढ़कर 200 करोड़ रुपये हो गया है — यानी गन्ना खेत से निकला, मिल में पहुंचा, पर किसान के खाते तक नहीं पहुँचा। अकाउंट फ्रीज़, किसान की जिंदगी भी! गन्ना समिति मलकपुर के चेयरमैन अंकित वीर के अनुसार, मिल के खाते फ्रीज़ हैं और कोई भुगतान नहीं किया गया। किसानों ने डीएम, गन्ना अधिकारी, मंत्री…
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