बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को एक बड़ा सामाजिक और आर्थिक फैसला लेते हुए सरकारी स्कूलों में काम करने वाले कर्मियों के मानदेय में दोगुनी वृद्धि का ऐलान किया। इस घोषणा के बाद राज्यभर के मिड डे मील की रसोइयों, रात्रि प्रहरियों और शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों के बीच हलचल तेज़ हो गई—इस बार खुशी की। मिड डे मील रसोइयों को मिला स्वाद का इनाम अब मिड डे मील पकाने वाली रसोइयों को हर महीने 1650 रुपये की जगह 3300 रुपये मिलेंगे।अब शायद रसोइयों को खिचड़ी के…
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स्कूल बना शोक स्थल: छत गिरने से 7 मासूमों की मौत, 10 लाख मुआवज़ा
राजस्थान के झालावाड़ ज़िले के मनोहर थाना क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल की छत शुक्रवार सुबह अचानक गिर गई। इस भयावह हादसे में सात मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के समय बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। सरकार का बयान और मुआवज़ा राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतक बच्चों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “परिवारों से हमारी बात हुई…
Read Moreझालावाड़ स्कूल हादसा: आदेश थे, पर सूचना नहीं आई! – कलेक्टर का जवाब
राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहर थाना इलाके में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात मासूम बच्चों की जान चली गई। प्रशासन हरकत में आया, कैमरे चालू हुए, और बयान चालू हुए उससे भी ज़्यादा तेज़ी से। “हमने तो आदेश दिया था, किसी ने पालन नहीं किया!” ज़िला कलेक्टर अजय सिंह साहब ने प्रेस को बताया कि 20 जून को ही साफ़-साफ़ आदेश दे दिए गए थे कि “जर्जर भवनों में कक्षाएं न चलें” — मतलब छत अगर ऊपर लटक रही है, तो बच्चों को नीचे मत बैठाओ।…
Read More“ग्रोक! बता, आज़ादी के बाद कितने स्कूल थे?” — सिसोदिया का AI से सामना
दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और शिक्षा सुधार के पोस्टरबॉय मनीष सिसोदिया ने एक बार फिर सुर्खियाँ बटोरीं — इस बार सवाल पूछकर… AI से! एलन मस्क के बनाए AI चैटबॉट ग्रोक को टैग करते हुए उन्होंने X (Twitter) पर एक लंबा-सा सवाल दाग दिया, जिसमें उन्होंने शिक्षा की दशा-दिशा, सुधार और 1947 की स्कूल जनगणना तक की बात छेड़ दी। शिक्षा सुधार बनाम सिर्फ बिल्डिंग सुधार सिसोदिया ने ग्रोक से पूछा, “क्या सिर्फ इमारत सुधारने से शिक्षा सुधरती है?” उन्होंने बताया: दिल्ली में इन्फ्रास्ट्रक्चर तो सुधारा, लेकिन असली ध्यान:…
Read Moreमध्य प्रदेश के टॉप केंद्रीय विद्यालय: एडमिशन प्रक्रिया, सुविधाएं और लोकेशन
केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) पूरे देश में अपनी एक समान शिक्षा प्रणाली और उच्च गुणवत्ता के कारण प्रसिद्ध हैं। ये स्कूल मुख्य रूप से भारत सरकार के कर्मचारियों के बच्चों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, लेकिन रिक्त सीटों और आरक्षण के आधार पर अन्य बच्चों को भी यहां प्रवेश मिलता है। मध्य प्रदेश में कई केंद्रीय विद्यालय मौजूद हैं जो शिक्षा, अनुशासन और समग्र विकास के लिए टॉप रैंक पर हैं। आइए जानते हैं इन स्कूलों के बारे में विस्तार से। राशिफल 8 जून 2025: जानिए सभी 12…
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