“लूट का दस्तावेज” या पावर प्ले? विद्युत कर्मचारियों का निजीकरण पर करारा वार!

उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण को लेकर बवाल मचा हुआ है।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इसे सीधे शब्दों में कहा — “लूट का दस्तावेज़”। समिति ने आरोप लगाया है कि इस पूरे प्रोसेस में कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए जानबूझकर 1 लाख करोड़ की संपत्ति की कीमत सिर्फ 6500 करोड़ रुपये बताई गई है। “इतनी बड़ी छूट तो Flipkart पर भी नहीं मिलती!” नियामक आयोग से दो टूक मांग — “दस्तावेज़ रद्द करो, नहीं तो मौन प्रदर्शन तय” पावर…

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9 जुलाई को आपके घर की लाइट जले, तो बिजलीकर्मियों को धन्यवाद दें

अगर 9 जुलाई को आपके घर की लाइट जले, तो बिजलीकर्मियों को धन्यवाद दें — क्योंकि उन्होंने हड़ताल के बावजूद कोशिश की है कि जनता परेशान न हो, सिर्फ सरकार हो। 27 लाख कर्मचारियों ने बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ एक दिन की सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है। इसे सिर्फ हड़ताल नहीं, “जनआंदोलन की टेस्टिंग सप्लाई” कहा जा रहा है। दीपिका की चुप्पी और रणवीर की क्लीन फीड – सोशल मीडिया पर मची आफत निजीकरण का ‘शॉर्ट सर्किट’ बिजलीकर्मी कह रहे हैं कि निजीकरण से बिजली सस्ती नहीं,…

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