अयोध्या में शनिवार को हुआ सपा का ‘प्रथम पीडीए महासम्मेलन’ — एक ऐतिहासिक मौका था सामाजिक न्याय, आरक्षण और संविधान के मूल्यों को दोहराने का। लेकिन कार्यक्रम की शुरुआत मंच पर ही एक ‘कुर्सी-धर्म संकट’ से हो गई। कार्यकर्ताओं का ‘कुर्सी-मंथन’ सम्मेलन का मकसद था पिछड़े वर्गों की भागीदारी पर फोकस, लेकिन मंच पर कार्यकर्ता इस बात पर भिड़ गए कि किसे सामने बैठना है और किसे पीछे। सामाजिक न्याय के मुद्दों पर चर्चा होनी थी, पर मंच पर कुर्सियों की ‘सामाजिक असमानता’ ने सबका ध्यान खींच लिया। सूत्रों की…
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