नई दिल्ली: किसी व्यक्ति के रोने पर अक्सर उसे कमजोर समझ लिया जाता है। बचपन से ही हमें भावनाओं को रोकने और मजबूत बने रहने की सलाह दी जाती है। लेकिन रोना भावनाओं को व्यक्त करने का एक स्वाभाविक तरीका है और कई लोगों को रोने के बाद मानसिक राहत महसूस होती है। जब व्यक्ति बहुत ज्यादा तनाव या परेशानी में होता है, तो दिल की धड़कन तेज होने, बेचैनी बढ़ने और बार-बार परेशान करने वाले विचार आने जैसी स्थिति हो सकती है। ऐसे समय में रोने से दबी हुई…
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