
देश के 12 राज्यों में आज से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2025) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव आयोग अब वोटर लिस्ट की ऐसी धुलाई करने जा रहा है कि कोई भी डुप्लीकेट वोटर या फर्जी एंट्री नहीं बचेगी।
इस बार टारगेट है—योग्य मतदाता अंदर, फर्जी बाहर!
SIR क्यों जरूरी है?
दरअसल, पिछली बार वोटर लिस्ट का अपडेट 2002 से 2024 के बीच हुआ था। अब जब लोकतंत्र के घर की झाड़-पोंछ का वक्त आया, तो चुनाव आयोग ने ठान लिया— “न रिपीट नाम रहेंगे, न घुसपैठिए वोट डालेंगे!”
SIR का मकसद है— वोटर लिस्ट को 100% अपडेट करना, डुप्लीकेट और अवैध नाम हटाना, नए योग्य वोटरों को शामिल करना।
किन 12 राज्यों में चलेगा ऑपरेशन वोटर-लिस्ट?
चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुताबिक 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक SIR चलेगा। यह प्रक्रिया इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगी।
राज्य: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गोवा, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल
केंद्रशासित प्रदेश: अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, पुडुचेरी
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट: 9 दिसंबर 2025
फाइनल वोटर लिस्ट: 7 फरवरी 2026

BLO आएगा घर, मतदाता देगा सबूत
4 नवंबर से BLO यानी Booth Level Officer घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे। कौन असली वोटर है और कौन बस किसी और की जगह वोट डालने आया था — अब साफ हो जाएगा!
आपको दिखाने होंगे इनमें से कोई भी 13 डॉक्यूमेंट्स:
- जन्म प्रमाण पत्र
- 10वीं सर्टिफिकेट
- पासपोर्ट
- राशन कार्ड
- MNREGA जॉब कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस
- बैंक पासबुक
वोटर लिस्ट से नाम हटे तो क्या करें?
अगर ड्राफ्ट लिस्ट (9 दिसंबर) में आपका नाम नहीं है, तो घबराएं नहीं — आप फॉर्म-6 भरकर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। 7 फरवरी तक सबके नाम ठीक-ठाक तरीके से फाइनल हो जाएंगे।
“अब वोट डालने से पहले पहचान पत्र नहीं, पहचान भी असली होनी चाहिए! BLO बोले — ‘नाम वही रहेगा जो सच्चाई में रहेगा।’”
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