“ग्रोवेल बोलकर अटक गया कोच, वनडे में पिटकर भी नहीं उतरा दम!”

अजमल शाह
अजमल शाह

भारत–दक्षिण अफ्रीका सीरीज खत्म हो चुकी है, लेकिन साउथ अफ्रीकी कोच शुक्री कोनराड (Shukri Conrad) का ‘Grovel’ वाला बयान अब भी सुर्खियाँ बटोर रहा है। गुवाहाटी टेस्ट के चौथे दिन उन्होंने टीम इंडिया के लिए यह शब्द इस्तेमाल किया था—जिसका मतलब है “घुटने पर लाना”

बस… फिर क्या था! भारत ही नहीं, विदेशी क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने भी कोच साहब को आड़े हाथों ले लिया।

वनडे में हार, लेकिन माफी का ‘G’ भी नहीं!

वनडे सीरीज में भारत ने 2-1 से जीत हासिल कर साउथ अफ्रीका का मुंह बंद कर दिया। Naturally, प्रेस कॉन्फ्रेंस में उम्मीद थी कि कोनराड साहब शायद अपना बयान सुधारेंगे… लेकिन नहीं!

उनका कहना था कि “लोगों ने मेरे शब्द को गलत समझ लिया. मैं गुस्सा दिखाना नहीं चाहता था. बस गलत शब्द चुन लिया गया.”

मतलब साफ है—हार स्वीकार ली, पर अहंकार अभी भी रिटायर होने के मूड में नहीं।

कोच का सफाईनामा VS इंटरनेट का मीम-नामा

शुक्री ने अपनी बात आगे बढ़ाई: “हम बस भारत को फील्ड पर ज्यादा समय तक रखना चाहते थे… मैं आगे से शब्दों का ध्यान रखूँगा।”

लेकिन इंटरनेट भाई बिल्कुल नहीं माने। मीम आर्मी ने कह दिया – “भाई, ग्रोवेल की जगह ‘struggle’ बोल देते, इतना झंझट ही नहीं होता!”

टीम इंडिया ने लिया बदला – टेस्ट की कसक दूर

दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत को 0-2 से हार मिली थी। कोलकाता और गुवाहाटी दोनों में दिक्कतें रहीं। पर टीम इंडिया वनडे में बिल्कुल अलग मोड में दिखी— श्रीखंड खाने के बाद वाले शांत–पर–खतरनाक वाले मोड में।

नतीजा:
2-1 की दमदार सीरीज जीत।

अब फैंस की निगाहें अगले मुकाबले पर— T20 सीरीज का महायुद्ध!

क्यों ट्रेंड कर रहा है ‘Grovel’?

 विवाद
 भावनात्मक स्पर्श
 भारत vs दक्षिण अफ्रीका
 इंटरनेट मीम टेम्पलेट
 और कोच साहब की अकड़

Google Discover को इससे ज्यादा क्या चाहिए?

“इस हफ्ते ग्रह करेंगे गेम–कभी देंगे Fame, कभी दिलाएंगे Blame!”

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