
इस बार का सेवा पर्व सिर्फ भाषणों और वादों तक सीमित नहीं रहेगा। उत्तर प्रदेश वन विभाग इसे एक ‘स्वच्छ उत्सव’ के तौर पर मनाने जा रहा है – जिसमें प्लास्टिक मुक्त अभियान, खरपतवारों की सफाई, और पक्षी अभयारण्यों की सफाई जैसे ठोस कदम शामिल हैं।
“Nature Lovers, your time has come – यह कोई आम पर्व नहीं, पर्यावरण के लिए महायज्ञ है!”
प्लास्टिक हटाओ, जल बचाओ, हरियाली बढ़ाओ
इस ‘स्वच्छ उत्सव’ में सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संरक्षण पर भी ज़ोर रहेगा।
वन विभाग के मुखिया सुनील चौधरी ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं – “सिर्फ झाड़ू नहीं चलेगा, जागरूकता भी जगेगी!”
नोडल अधिकारी नियुक्त, सिस्टम को नहीं छोड़ा ढीला
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राज्य स्तर पर: सचिव, पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग सुशांत शर्मा
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विभागीय स्तर पर: अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (परियोजना) रामकुमार
इन दोनों को सेवा पर्व की निगरानी और सफलता का जिम्मा सौंपा गया है। मतलब अब पर्व होगा, तो फ़ाइलों में नहीं, ज़मीन पर दिखेगा।
25 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर होगा पौधरोपण महाअभियान
पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर हर जिले में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। स्कूलों, NGOs, क्लब्स, पंचायतों से लेकर बाघ मित्र, सारस मित्र और वेटलैंड मित्र तक – सब साथ आएंगे।
“पेड़ लगाएंगे – नेताजी भी, डॉक्टर भी और स्कूल के बच्चे भी!”
15 लाख पौधे लगेंगे, हर जगह हरियाली फैलेगी
पौधरोपण महाभियान-2025 के तहत लक्ष्य है 15 लाख पौधों का रोपण। मिशन डायरेक्टर दीपक कुमार के अनुसार हर नगर वन में कम से कम 100 पौधे। नदी किनारे, तालाबों के आसपास, शहरी इलाकों में प्राथमिकता। स्कूल, ईको क्लब, स्वयंसेवी संगठनों और आम जनता की भागीदारी।

नाटक, नवाचार और जागरूकता: पर्यावरण का नया रंगमंच
वन विभाग सिर्फ पौधे नहीं लगा रहा, लोगों को मनोरंजन और संदेश भी दे रहा है:
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नुक्कड़ नाटक
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सांस्कृतिक कार्यक्रम
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स्थानीय नवाचार प्रदर्शन
“हर पौधा एक कहानी बनेगा, हर झाड़ी एक बदलाव की मिसाल।”
जनप्रतिनिधियों की होगी भागीदारी – नारा नहीं, ज़िम्मेदारी
इस अभियान में महापौर, सांसद, विधायक सभी को बुलाया गया है। मतलब इस बार कोई ‘मुख्य अतिथि’ सिर्फ रिबन काटने नहीं आएगा – पौधा लगाएगा!
सेवा पर्व 2025 – ये सिर्फ पर्व नहीं, प्रकृति का पर्व है!
इस बार पेड़ लगेंगे, प्लास्टिक हटेगा, लोग जागेंगे, और ‘हर घर हरियाली’ का सपना थोड़ा और पास आएगा। सरकार ने कमान थामी है, अब बारी है हमारी!
नीतीश फिर आएंगे, विपक्ष फिर “विकास” ढूंढेगा!
