मुंबई: श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। साई सुदर्शन के चोटिल होकर सीरीज से बाहर होने के बाद सरफराज खान को उनके स्थान पर भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। 28 वर्षीय बल्लेबाज करीब दो साल बाद टेस्ट टीम में लौटे हैं। हालांकि टीम में वापसी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उन्हें तुरंत प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी। सरफराज ने भारत के लिए अब तक छह टेस्ट खेले हैं, जिसमें 37.10 की औसत से 371 रन बनाए हैं।
2024 में खेला था आखिरी टेस्ट
सरफराज खान ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में खेला था। उस सीरीज में भारतीय टीम को 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में सरफराज को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था, लेकिन वह दोनों पारियों में बड़ी पारी नहीं खेल सके।
सरफराज पहली पारी में खाता नहीं खोल सके, जबकि दूसरी पारी में उनके बल्ले से सिर्फ एक रन आया। इसके बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। वह 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए भारत की 18 सदस्यीय टीम में जरूर शामिल थे, लेकिन पांच मैचों की सीरीज में उन्हें एक भी टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया ने यह सीरीज 3-1 से अपने नाम की थी।
ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद टीम से हुए बाहर
ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद सरफराज खान की भारतीय टीम में जगह भी चली गई। इसके बाद उन्हें लंबे समय तक टेस्ट टीम से बाहर रहना पड़ा। अब साई सुदर्शन की चोट के कारण खाली हुई जगह ने सरफराज के लिए एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में वापसी का रास्ता खोल दिया है।
हालांकि, टीम में शामिल होना और प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना उनके लिए अलग चुनौती होगी। भारतीय टीम के पास मध्यक्रम में कई विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में सरफराज को अंतिम एकादश में शामिल होने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
रणजी में शानदार प्रदर्शन से किया वापसी का दावा
सरफराज खान ने घरेलू क्रिकेट में भी अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। 2025-26 रणजी सीजन में मुंबई के लिए उन्होंने नौ पारियों में 429 रन बनाए। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 53.62 रहा, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 227 रन रहा।
घरेलू क्रिकेट में इस प्रदर्शन के बाद अब भारतीय टेस्ट टीम में उनकी वापसी हुई है। ऐसे में श्रीलंका दौरा सरफराज के लिए अपनी बल्लेबाजी क्षमता साबित करने और टीम में अपनी जगह दोबारा मजबूत करने का अहम अवसर हो सकता है।
देवदत्त पडिक्कल को मिल सकता है नंबर-3 पर मौका
साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में देवदत्त पडिक्कल के नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने की संभावना जताई जा रही है। अगर टीम प्रबंधन पडिक्कल को इस स्थान पर मौका देता है तो सरफराज को टीम में शामिल होने के बावजूद प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज 15 अगस्त से गॉल में होगा। सरफराज खान के लिए भारतीय टेस्ट टीम में वापसी के बाद यह दौरा अपने स्थान को फिर से मजबूत करने का बड़ा मौका होगा।
