अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ के नाम का ऐलान 2 सितंबर को किया जाएगा। इस नियुक्ति के लिए बनाई गई खोज समिति के तीनों सदस्य अयोध्या पहुंच चुके हैं। समिति ने 16 उम्मीदवारों के साक्षात्कार के बाद अलग-अलग श्रेणियों में तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया है। अब इस पैनल में से एक नाम पर ट्रस्टियों की सहमति के बाद नए सीईओ की घोषणा होगी।
खोज समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और उद्योगपति सुरेश हावड़े शामिल हैं। तीनों सोमवार दोपहर अयोध्या पहुंचे और मणिराम छावनी स्थित आश्रम में राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन भी मौजूद रहे। तय कार्यक्रम के मुताबिक समिति 1 सितंबर को सीईओ पद के लिए तैयार पैनल अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंपेगी।
5585 आवेदनों में से चुने गए 16 उम्मीदवार
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ की नियुक्ति के लिए देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन आए थे। इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के साथ सेना में ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी और गैर सरकारी संस्थाओं से जुड़े लोग भी शामिल थे। कुल 5585 आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद खोज समिति ने एक विशेष प्रक्रिया के जरिए उम्मीदवारों को छांटा और 16 लोगों को साक्षात्कार के लिए चुना।
सीईओ की नियुक्ति के बाद मंदिर की प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्था की जिम्मेदारी उनके पास होगी। वह ट्रस्ट के महासचिव के सुझावों के अनुरूप व्यवस्था का संचालन करेंगे। ट्रस्ट के लिए यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पहली बार प्रशासनिक और प्रबंधकीय जिम्मेदारियों के लिए पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी की व्यवस्था होने जा रही है।
2 सितंबर को ट्रस्ट की अहम बैठक
राम मंदिर ट्रस्ट की एक दिवसीय बैठक 2 सितंबर को मणिराम छावनी में दो सत्रों में होगी। पहला सत्र दोपहर दो बजे से प्रस्तावित है, जबकि मुख्य बैठक शाम चार बजे शुरू होगी। ट्रस्ट के आठ नियमित सदस्यों में जगद्गुरु माध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ के अयोध्या पहुंचने को लेकर असमंजस है। वह दिल्ली में चातुर्मास कर रहे हैं।
बैठक में धार्मिक न्यास समिति, निर्माण समिति, वित्त समिति, लेखा परीक्षण समिति और प्रबंधन समिति के पुनर्गठन पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा ट्रस्ट के रिक्त तीन नियमित पदों को भरने और पूर्णकालिक महासचिव के नाम पर भी विचार किया जाएगा।
धार्मिक न्यास समिति में संतों की भूमिका बढ़ सकती है
22 जुलाई की बैठक में धार्मिक न्यास समिति के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन संतों के बीच नामों को लेकर सहमति नहीं बनने के कारण तीन अतिरिक्त सदस्यों के नाम घोषित नहीं किए गए थे। नौ सदस्यीय समिति में फिलहाल चार ट्रस्टियों को शामिल किया गया है। इनमें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु माध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ, युगपुरुष स्वामी परमानंद और निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार नियमित ट्रस्टी होने के कारण शंकराचार्य, माध्वाचार्य और युगपुरुष को पदेन सदस्य बनाए जाने की संभावना है। ऐसे में समिति में इन तीनों की जगह अयोध्या के तीन अन्य संतों को शामिल किया जा सकता है। समिति के अध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि और निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास सदस्य बने रहेंगे।
ट्रस्ट को मिलेगा नया मीडिया प्रभारी
राम मंदिर ट्रस्ट की मुख्य बैठक में मीडिया से जुड़े कामकाज को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। बैठक में प्रवक्ता के बजाय मीडिया प्रभारी के नाम की घोषणा किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही ट्रस्ट की प्रशासनिक संरचना को और व्यवस्थित करने के लिए विभिन्न समितियों के पुनर्गठन पर भी फैसला लिया जाएगा।
