टोंक में जमीन ने उगला डेग- खजाने की खुशबू से गांव में हड़कंप!

अजमल शाह
अजमल शाह

राजस्थान के टोंक जिले के देवरी गांव में खुदाई के दौरान जो सामने आया, उसने गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक सस्पेंस, सनसनी और सटायर—तीनों पैदा कर दिए।
करीब 10 फीट गहराई में मिली एक भारी-भरकम मिट्टी की डेग (घड़ा) अब प्रशासनिक कब्जे में है और सवाल वही पुराना लेकिन विस्फोटक— क्या ये खजाना है… या इतिहास?

Police–Administration Action Mode में

शुरुआत एक आशंका से हुई— ग्रामीणों को लगा कि कहीं जमीन के नीचे कोई अनहोनी तो नहीं। कुछ ने यहां तक कहा— “लाश दबी हो सकती है!”

सूचना सरपंच से होती हुई पुलिस तक पहुंची। प्रशासनिक निगरानी में JCB आई, खुदाई शुरू हुई और 10 फीट नीचे जेसीबी का पंजा ठोस चीज से टकराया। मिट्टी हटी—और सामने थी विशाल, पुरानी, घड़ानुमा डेग

150 किलो की डेग और अफवाहों का विस्फोट

करीब

  • 100–150 किलो वजन
  • 2 फीट ऊंचाई
  • 1.5 फीट चौड़ाई

डेग निकलते ही गांव में अफवाहों की बाढ़ आ गई। कोई बोला— “सोने-चांदी की अशर्फियां हैं!” तो कोई बोला— “चमकीली धातु देखी है!”

भीड़ बेकाबू हुई, कुछ लोगों ने लूटपाट की कोशिश भी की। पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। कुछ लोग चमकीली चीजें उठाकर भागे—जिन्हें बाद में पकड़कर वापस रखवाया गया।

तंत्र-मंत्र एंगल: गुलाब, चप्पल और टायर के निशान

मामला तब और गहरा गया जब गुलाब के फूल, चप्पल, टायरों के निशान मिले। अब सवाल सिर्फ खजाने का नहीं रहा— क्या यहां कोई तंत्र-मंत्र किया गया था?

पुलिस ने इस एंगल से भी जांच शुरू कर दी है।

Treasury में Seal, Archaeology को Key

तहसीलदार नरेश गुर्जर के मुताबिक- “डेग को प्रशासन ने कब्जे में लेकर निवाई की सब-ट्रेजरी के स्ट्रॉन्ग रूम में सील कर दिया है। Archaeology जांच के बाद ही खुलासा होगा।”

ADDM राम रतन सोकरिया ने बताया कि पुरातत्व विभाग के निदेशक को सूचना भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई उन्हीं के दिशा-निर्देश में होगी।

Treasure Act लागू, फैसला Archaeology के हाथ

ऐसे मामलों में Indian Treasure Trove Act लागू होता है। यही कानून तय करता है कि वस्तु ऐतिहासिक धरोहर है या नहीं। खजाना है या सिर्फ पुराना बर्तन और उसका स्वामित्व किसका होगा।

खजाना हो या घड़ा, हाइप पूरी है

भारत में जब भी जमीन से कुछ निकलता है— तो पहले WhatsApp Archaeology, फिर YouTube Experts, और अंत में सरकारी रिपोर्ट आती है।

टोंक में भी वही हुआ— फर्क बस इतना है कि इस बार डेग सरकारी स्ट्रॉन्ग रूम में बंद है, और रहस्य अभी ज़िंदा है।

बड़ा सवाल अभी बाकी

क्या इस डेग में सोना-चांदी है?  कोई ऐतिहासिक रहस्य?  या सिर्फ अफवाहों का घड़ा?

सच सामने आएगा तभी, जब Archaeology की टीम सील खोलेगी।

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