Rahul Gandhi का हमला, बोले– “गरीब नहीं, सत्ता चाहिए BJP को”

अजमल शाह
अजमल शाह

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में Leader of Opposition राहुल गांधी इस वक्त अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे पर हैं।
इस दो दिवसीय विज़िट के दौरान उन्होंने पार्टी द्वारा आयोजित ‘मनरेगा बचाओ चौपाल’ में हिस्सा लिया और खुद इसकी अध्यक्षता की।

ग्रामीणों और श्रमिकों से सीधा संवाद

रोहनिया ब्लॉक के ऊंचाहार क्षेत्र में आयोजित चौपाल के दौरान राहुल गांधी ने ग्रामीणों और मनरेगा श्रमिकों से सीधे बातचीत की।
यह मंच भाषण से ज्यादा listening session जैसा दिखा—जहां लोगों की रोज़मर्रा की परेशानियां खुलकर सामने आईं।

मनरेगा की सोच क्या थी? राहुल गांधी ने समझाया

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि MGNREGA सिर्फ रोज़गार योजना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक सशक्तिकरण का टूल है।
उन्होंने बताया कि इसके पीछे दो बड़े उद्देश्य थे, Local governance को power और financial responsibility देना। गरीब और युवा वर्ग के लिए minimum wage की गारंटी।

PM मोदी पर तीखा हमला

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा, “नरेंद्र मोदी power को decentralize नहीं, बल्कि centralize करना चाहते हैं।

वो चाहते हैं कि फैसले अफसर करें और गरीब सिर्फ लाइन में खड़े रहें।”

उनका आरोप था कि मौजूदा सरकार की नीतियां गरीबों को मज़बूत करने के बजाय कमजोर कर रही हैं।

चौपाल में राहुल गांधी का लहजा सीधा था, लेकिन संदेश तंज़ भरा— “जब गांव को काम चाहिए, सरकार फाइलें देती है।”

यह बयान साफ करता है कि कांग्रेस मनरेगा को सिर्फ स्कीम नहीं, बल्कि political battleground बनाने के मूड में है।

रायबरेली से राष्ट्रीय राजनीति का संकेत

रायबरेली से दिया गया यह संदेश सिर्फ लोकल नहीं था। मनरेगा, गरीब, पंचायत और power-sharing—ये सभी मुद्दे 2026 की राजनीतिक बहस की दिशा तय करते दिख रहे हैं।

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