तेज रफ्तार, टूटा सिस्टम… गंगा एक्सप्रेसवे बना मौत का रास्ता

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में गंगा एक्सप्रेसवे पर रविवार को ऐसा दर्दनाक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया।
तेज रफ्तार और बेकाबू कार ने सुल्तानपुर के जनौली के पास हाईवे पर पैदल चल रहे लोगों को कुचल दिया — और कुछ सेकेंड में खुशियों को मातम में बदल दिया।

7 लोग चपेट में, 4 की मौके पर मौत

हादसे में कुल 7 लोग घायल हुए, जिनमें से 4 ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में एक नाबालिग लड़की भी शामिल है, जिससे घटना और ज्यादा झकझोर देने वाली बन गई। बाकी 3 घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।

कार छोड़कर फरार हुआ आरोपी ड्राइवर

घटना के बाद आरोपी ड्राइवर कार मौके पर छोड़कर फरार हो गया। CO डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कार जब्त कर ली गई है। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं। केस दर्ज कर लिया गया है।

भंडारे से लौट रहे थे सभी पीड़ित

पुलिस के मुताबिक, प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि सभी लोग भंडारे से लौटकर पैदल घर जा रहे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी।

पीड़ितों के नाम, 
रिया पटेल, प्रिया पटेल, हिमांशी, शालिनी, रश्मि, साधना और आसमा। सभी जगतपुर कोडर के निवासी थे और चूली गांव के भंडारे में शामिल होकर लौट रहे थे। हिमांशी और शालिनी की मौत मौके पर ही हो गई थी।

Ambulance लेट, सिस्टम फेल!

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर ambulance समय पर पहुंच जाती, तो शायद कुछ जानें बच सकती थीं। लोगों के मुताबिक एंबुलेंस करीब आधा घंटा देरी से पहुंची, पहुंचने पर उसका दरवाजा तक नहीं खुल रहा था। किसी तरह दरवाजा खोलकर घायलों को अस्पताल ले जाया गया।

जगतपुर CHC और जिला अस्पताल पहुंचते-पहुंचते आसमा और रश्मि भी दम तोड़ चुकी थीं।

जाम में फंसी जिंदगी

लक्ष्मणपुर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के कारण जगतपुर-डलमऊ मार्ग पर भारी जाम लग गया, जिससे रेस्क्यू और इलाज में और देरी हुई।

यह हादसा सिर्फ एक road accident नहीं है यह तेज रफ्तार, लापरवाही, और response system की नाकामी की कहानी है।

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