
रूस के सबसे ताकतवर ठिकाने ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस पर कथित ड्रोन हमले के दावे ने सिर्फ मॉस्को ही नहीं, पूरी दुनिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने उनके राष्ट्रपति आवास को निशाना बनाया।
हमले के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वैश्विक नेताओं ने संवेदना जताई, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा सवाल भी उठा— क्या दुनिया के सबसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम वाला देश अपने राष्ट्रपति के घर की सुरक्षा नहीं कर पाया?
CIA Report: “No Evidence Found”
मामले की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने जांच की। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि पुतिन या उनके आवास पर ड्रोन हमले का कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
इस खुलासे के बाद पुतिन के दावे पर गंभीर संदेह पैदा हो गया। अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार Wall Street Journal ने भी अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से लिखा कि हालिया ड्रोन हमलों में यूक्रेन ने पुतिन को निशाना नहीं बनाया था।
New York Post Editorial और Trump का पलटवार
CIA रिपोर्ट के बाद अमेरिकी मीडिया में भी सियासी तापमान बढ़ गया। New York Post में छपे एक तीखे संपादकीय में लिखा गया— “Putin के crocodile tears से दुनिया को सावधान रहना चाहिए।”
यहीं से कहानी में नया ट्विस्ट आया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो कभी पुतिन के प्रति नरम माने जाते थे, उन्होंने इस संपादकीय को सोशल मीडिया पर शेयर किया।
Trump बोले:
“Absolutely right! Putin को accountable ठहराया जाना चाहिए।”
कल तक sympathy, आज scrutiny— White House का मूड भी अब fact-check mode में है।
Global Politics में बड़ा सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है— क्या यह हमला वास्तव में हुआ? या फिर war narrative को मजबूत करने की रणनीति थी? क्या पुतिन शांति की बातें करके दुनिया को गुमराह कर रहे हैं?
CIA और अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स ने फिलहाल रूस के आधिकारिक दावे को कमजोर कर दिया है।
क्रेमलिन पर ड्रोन हमले का दावा अब सिर्फ एक सुरक्षा मुद्दा नहीं, बल्कि credibility crisis बन चुका है। CIA की रिपोर्ट, अमेरिकी मीडिया और ट्रंप की प्रतिक्रिया के बाद सवाल यही है—हमला हुआ था या कहानी गढ़ी गई थी?
HELLO UP की ओर से सभी को नए साल की बधाई- इस साल भी गेम हमारा

