
21 अगस्त 2025 को ग्रेटर नोएडा से एक दर्दनाक खबर आई। निक्की नाम की महिला को उसके ही पति विपिन भाटी ने सिर्फ इसलिए जिंदा जला दिया क्योंकि वह पार्लर दोबारा खोलना चाहती थी और इंस्टाग्राम रील्स बनाती थी। दहेज की मांग – 36 लाख रुपये – ने इस आग को और भी घातक बना दिया।
पार्लर और इंस्टा रील्स से थी चिढ़, कहा “हमारे खानदान में ये सब नहीं चलता”
पुलिस जांच में सामने आया कि विपिन पार्लर और सोशल मीडिया एक्टिविटी के सख्त खिलाफ था। 21 अगस्त को इसी मुद्दे पर दोनों में बहस हुई, जिसके बाद विपिन ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर निक्की को आग के हवाले कर दिया।
अस्पतालों का सफर और फिर मौत
निक्की को पहले नोएडा फोर्टिस, फिर दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। यह केस अब दहेज हत्या और सोशल मीडिया स्वतंत्रता के टकराव का प्रतीक बन गया है।
एक ही घर में दो बहनों की शादी, एक की मौत और दूसरी के आरोप
निक्की की बहन कंचन, जिसने विपिन के भाई रोहित भाटी से शादी की थी, ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले दहेज को लेकर हमेशा मारपीट करते थे। कंचन ने यह भी कहा कि निक्की पर तेजाब फेंका गया और सिर पर वार किया गया।
इंस्टा इन्फ्लुएंसर बहनें, जो सिर्फ आत्मनिर्भर होना चाहती थीं
निक्की और कंचन चलाती थीं एक पार्लर चैनल – “Makeover by Kanchan” – जिसके इंस्टा पर 59,000 फॉलोअर्स हैं। निक्की के भी प्राइवेट अकाउंट पर 1,145 फॉलोअर्स थे और रील्स को लाखों व्यूज मिलते थे। वे आत्मनिर्भर बनने की राह पर थीं — जो उनके ससुराल वालों को रास नहीं आया।
पुलिस कार्रवाई: ससुर, सास, देवर और पति सभी गिरफ़्तार
विपिन भाटी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। भागने की कोशिश में गोली मारनी पड़ी।
सास दया भाटी, देवर रोहित भाटी, और ससुर सत्यवीर भाटी को भी गिरफ्तार किया गया है।
6 साल के बेटे की आंखों देखी गवाही
निक्की के छोटे बेटे ने बताया:
“मेरी मम्मी के ऊपर कुछ डाला गया, फिर लाइटर से आग लगा दी गई।”
बच्चे की गवाही ने सभी को झकझोर दिया।
9 साल की शादी, बार-बार झगड़े, अंत में मौत
निक्की की शादी को 9 साल हो चुके थे। उसके भाई ने बताया कि शुरुआत से ही लग्ज़री कार और कैश की मांग होती रही। कई बार निक्की मायके लौटती, फिर सुलह हो जाती। लेकिन इस बार मामला जान तक पहुंच गया।
क्या सीखा जाए?
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना अपराध नहीं है।
महिला आत्मनिर्भरता का दमन अब नहीं सहा जाएगा।
कानून और समाज दोनों को दहेज जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ कठोर कदम उठाने होंगे।
निक्की की मौत एक महिला की आज़ादी, आत्मनिर्भरता और अभिव्यक्ति की आजादी की कीमत बन गई। यह घटना न सिर्फ दहेज प्रथा बल्कि सोशल मीडिया के प्रति रूढ़िवादी सोच पर भी सवाल उठाती है।
अब देखना ये होगा कि क्या निक्की को न्याय मिलेगा? क्या कानून ऐसे मामलों में तेज़ी से कार्रवाई करेगा? या फिर एक और ‘निक्की’ इतिहास में खो जाएगी?
“भक्ति, शक्ति और सौंदर्य का पर्व – हरितालिका तीज 2025!”

