Sleeper Buses पर NHRC का बड़ा प्रहार: अब नहीं चलेगी लापरवाही!

Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

देशभर में बढ़ते स्लीपर बस हादसों के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा एक्शन लेते हुए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को बड़ा आदेश जारी किया है। आयोग ने साफ कहा है कि जो भी Sleeper Coach Buses सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर रही हैं, उन्हें तुरंत रोड से हटाया जाए।

NHRC चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने ये निर्देश ऐसे समय में दिए हैं, जब देशभर में स्लीपर बस हादसों की संख्या तेजी से बढ़ी है और कई लोगों की मौतें सिर्फ लापरवाही के कारण हो रही हैं।

मारक हादसे = जीवन के अधिकार का उल्लंघन (Article 21)

NHRC ने कहा कि खराब रखरखाव, ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और सेंक्शन किए बिना बने मॉडिफाइड स्लीपर डिब्बे Article 21 – Right to Life का सीधा उल्लंघन है।

भारत में Sleeper Buses खासकर रात के लंबे सफर के लिए लोगों की पहली पसंद हैं, लेकिन लापरवाही से हुए हादसों में जान गंवाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

2025 में अब तक 200 से ज्यादा मौतें

NHRC के मुताबिक, साल 2025 में ही 200+ मौतें सिर्फ sleeper buses में सुरक्षा मानकों की अनदेखी से हुई हैं। यह चिंताजनक आंकड़ा सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।

केंद्र और NHRC के कई आदेशों का पालन नहीं हो रहा

पिछले दो वर्षों में NHRC और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने कई सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं—

इन पर अमल बेहद कम हुआ:

  • Sleeper buses में seat belts अनिवार्य
  • CCTV कैमरे अनिवार्य
  • Drivers की special training
  • Overloading पर strict monitoring
  • AIS-118 सुरक्षा मानक लागू

लेकिन राज्यों में इन नियमों पर ढंग से अमल नहीं किया गया। NHRC ने अब राज्य मानवाधिकार आयोगों को स्पष्ट आदेश दिया है कि तुरंत एक्शन लिया जाए।

कैसे चल रही है जांच?

NHRC ने सभी राज्यों से कहा है कि— Non-compliant buses की list बनाएं। Transport Dept. और RTO की field checking बढ़ाएं। जो बसें मानकों पर खरी नहीं उतरतीं, उन्हें तुरंत seize किया जाए। रिपोर्ट NHRC को सीधे भेजी जाए।

क्या बदलने वाला है?

इस आदेश के बाद देशभर में हजारों गैर-सुरक्षित स्लीपर बसें रूट से हट सकती हैं। लंबी दूरी के यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में कड़ा और सुरक्षित ट्रांसपोर्ट सिस्टम लागू होने की संभावना बढ़ गई है।

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