
मिडिल ईस्ट की राजनीति कभी साधारण नहीं होती. यहां सत्ता की खबरें भी अक्सर धुएं में लिपटी आती हैं. इस बार धुआं उठा है ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei को लेकर.
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक इंटरव्यू में ऐसा दावा कर दिया जिसने तेहरान से लेकर वॉशिंगटन तक कूटनीतिक गलियारों में बेचैनी बढ़ा दी.
ट्रंप के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई जिंदा तो हैं, लेकिन इतनी गंभीर चोटों के साथ कि सार्वजनिक रूप से सामने आने की स्थिति में नहीं हैं.
अब सवाल यह नहीं है कि वे घायल हैं या नहीं. असली सवाल यह है कि वे दिखाई क्यों नहीं दे रहे?
ट्रंप का दावा और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट
अमेरिकी टीवी नेटवर्क Fox News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि हालिया हमले में मोजतबा खामेनेई बुरी तरह घायल हुए.
ब्रिटेन के अखबार The Sun ने भी अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि 28 फरवरी 2026 को हुए अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं.
रिपोर्ट्स के अनुसार हमले में उनके शरीर को भारी नुकसान हुआ। एक पैर काटने की नौबत आई। पेट या लिवर में गंभीर चोटें आईं। संभव है कि वे कोमा की स्थिति में हों।
मिडिल ईस्ट की राजनीति में अफवाह और सूचना के बीच की दूरी अक्सर उतनी ही होती है जितनी रेगिस्तान में मृगतृष्णा और पानी के बीच.
तेहरान का अस्पताल बना रहस्य का केंद्र
रिपोर्टों में दावा किया गया कि मोजतबा का इलाज Sina University Hospital में चल रहा है, जो ईरान की राजधानी Tehran में स्थित है। यह अस्पताल अचानक हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में बदल गया है.
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे घायल हुए थे लेकिन अब सुरक्षित हैं और धीरे-धीरे रिकवरी कर रहे हैं लेकिन दुनिया को सिर्फ बयान मिला है, चेहरा नहीं. और राजनीति में चेहरा गायब हो जाए, तो शक अपने-आप पैदा हो जाता है.

इजरायल का सीधा सवाल: “कहां है मोजतबा?”
ईरान के बयान से सबसे ज्यादा असंतुष्ट दिखाई दे रहा है Israel Defense Forces. इजरायली सेना ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया:
“अगर मोजतबा खामेनेई सचमुच सत्ता संभाल चुके हैं, तो वे सामने क्यों नहीं आ रहे?”
इजरायल का तर्क साफ है बयान जारी हो रहे हैं, धमकियां दी जा रही हैं लेकिन लाइव उपस्थिति नहीं। यानी कूटनीतिक भाषा में कहें तो इजरायल पूछ रहा है क्या ईरान सच्चाई छिपा रहा है?
सत्ता का वारिस और विवादों का इतिहास
मोजतबा खामेनेई का सत्ता तक पहुंचना भी आसान कहानी नहीं है. वे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के बेटे हैं. ईरान के भीतर कई राजनीतिक धड़ों ने हमेशा इस बात का विरोध किया कि सत्ता धार्मिक गणराज्य से “परिवारिक विरासत” में बदल रही है. लेकिन संकट के समय में ईरान ने वही रास्ता चुना जो सत्ता को सबसे स्थिर रख सके.
मिडिल ईस्ट का अगला विस्फोट?
अगर मोजतबा सचमुच गंभीर रूप से घायल हैं, तो यह सिर्फ स्वास्थ्य का मामला नहीं है. यह पूरे मिडिल ईस्ट के पावर बैलेंस को प्रभावित कर सकता है.
मिडिल ईस्ट विशेषज्ञ मो, रियाज मानते हैं कि ऐसी स्थिति में ईरान के भीतर सत्ता संघर्ष तेज हो सकता है। इजरायल और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है। क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ सकता है। क्योंकि मिडिल ईस्ट में सत्ता सिर्फ कुर्सी नहीं होती. वह अक्सर युद्ध की दिशा तय करती है.
सच, अफवाह और भू-राजनीति
इस समय तीन बातें साफ हैं मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दे रहे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया गंभीर चोटों की बात कर रहा है। ईरान आधिकारिक रूप से कह रहा है कि वे ठीक हो रहे हैं
सच इन तीनों के बीच कहीं छिपा है. और जब तक तेहरान से मोजतबा खामेनेई का चेहरा दुनिया के सामने नहीं आता, तब तक यह सवाल मिडिल ईस्ट की राजनीति में गूंजता रहेगा क्या ईरान का सुप्रीम लीडर सचमुच सत्ता में है… या सत्ता उसके नाम पर चल रही है?
