‘दिल्ली का बाहरी’ से भारत के आर्किटेक्ट तक: मोदी का मिशन

जीशान हैदर
जीशान हैदर

2014 के स्वतंत्रता दिवस पर सफेद कुर्ता और रंग-बिरंगी राजस्थानी साफा में जब नरेंद्र मोदी लाल किले से पहली बार देश को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने खुद को ‘दिल्ली का बाहरी’ कहा था। यह केवल एक भाषण नहीं था, बल्कि एक नए युग की शुरुआत थी — जिसमें शासन, नीति और राजनीति तीनों में क्रांतिकारी बदलाव हुए।

“मुझे शासन का अनुभव नहीं है, लेकिन मेरे पास विजन है,” — मोदी ने कहा था।

2. पार्टी में बदलाव: BJP from Cadre to Corporate Structure

मोदी युग में पार्टी सिर्फ चुनावी मशीन नहीं रही। स्वच्छ भारत मिशन हो या उज्ज्वला योजना — पार्टी कार्यकर्ता इन योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक ले गए। इससे BJP grassroots से जुड़ी और 14 करोड़ सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी।

“स्पष्ट निर्देश था — दिखना भी है, और डिलीवर भी करना है।”

चुनावी रणनीति: Beyond Caste to Class

मोदी ने पारंपरिक जातीय समीकरणों को तोड़ा और नया ‘social coalition’ बनाया गरीब, युवा, महिलाएं और किसान। यही वर्ग उनकी योजनाओं के केंद्र बने। इससे पार्टी असम, पूर्वोत्तर, जम्मू-कश्मीर जैसे गैर-पारंपरिक इलाकों में भी सत्ता में आई।

अर्थव्यवस्था: फ्रैजाइल फाइव से ग्लोबल फोर्थ

2014 में भारत ‘फ्रैजाइल फाइव’ में था। 2025 में यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। GST लागू करना, डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा, जन धन योजना, मुद्रा लोन, और 100+ यूनिकॉर्न जैसे कदमों ने भारत को आर्थिक रूप से सशक्त किया।

डिजिटल लेनदेन 222 अरब डॉलर पार कर गया है।

विदेश नीति: Nation First Approach

मोदी की विदेश नीति में ‘नॉन-अलाइन्ड’ की जगह ‘इंडिया फर्स्ट’ आया। SAARC नेताओं को बुलाकर उन्होंने रिश्तों की शुरुआत की और UNGA में योग को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाई। वैक्‍सीन मैत्री और आपदा में सहायताएं (जैसे अफगानिस्तान, यूक्रेन निकासी) भारत की सॉफ्ट पावर की पहचान बनीं।

“India speaks for itself now.”

सुरक्षा और रक्षा: Bold और Decisive

उरी और बालाकोट स्ट्राइक, LAC पर कड़ा रुख, Rafale सौदा, रक्षा बजट में वृद्धि। मोदी का रवैया “बातचीत भी, जवाब भी” वाला रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा, पहली बार वोटिंग एजेंडा बना।

कल्याण योजनाएं: गरीबों तक सीधे पहुंच

उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन — मोदी की welfare policies ने गरीबों के जीवन स्तर को बदला।
अटल टनल जैसे प्रोजेक्ट्स से दूर-दराज के क्षेत्रों को जोड़ा गया।

“नीति वही, जो आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे।”

संवाद की नई शैली: Direct to People

मोदी की सबसे बड़ी ताकत रही है — जनता से सीधे जुड़ना। मन की बात, सोशल मीडिया, और रैलियों के माध्यम से उन्होंने लोकतंत्र को participative बनाया। उनकी online to offline संवाद शैली ने संचार की परिभाषा ही बदल दी।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण: औपनिवेशिक सोच से मुक्ति

राम मंदिर का निर्माण। अनुच्छेद 370 का खात्मा। जनसांख्यिकीय मिशन की शुरुआत, मोदी के नेतृत्व में ‘भारतीयता’ को फिर से परिभाषित किया गया।

“भारत अब अपने अतीत से नहीं शर्माता, उस पर गर्व करता है।”

11 वर्षों में एक Leader से Legend तक

2014 में जिसे ‘आउटसाइडर’ कहा गया, आज वही भारत के हर कोने में सुना, समझा और माना जाता है। मोदी का सफर सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि भारत की नई चेतना का प्रतिबिंब है।

“उन्होंने सिर्फ सरकार नहीं बदली, भारत की सोच बदल दी।”

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