
मेक्सिको के हर्मोसिलो शहर में Day of the Dead त्योहार के बीच अचानक हुई एक भयंकर विस्फोट की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया।
सोनारा राज्य के इस सुपरमार्केट में धमाके के बाद लगी आग से 23 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 4 बच्चे भी शामिल हैं। त्योहार का वह पल, जब लोग अपने दिवंगत परिजनों को याद कर रहे थे — अब खुद शोक में बदल गया।
रेडक्रॉस का रेस्क्यू मिशन — 10 एम्बुलेंस, 40 वॉलंटियर्स की तैनाती
घटना के बाद Sonora Red Cross Society ने पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब 40 वॉलंटियर्स और 10 एम्बुलेंस ने मिलकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें लोग धुएं से बचने के लिए भागते दिखे — मानो कोई एक्शन मूवी चल रही हो, लेकिन बिना हीरो के।
जहरीली गैस से मौत — एक्जिट गेट बना ट्रैप
सोनारा के अटॉर्नी जनरल गुस्तावो सालास ने बताया कि ज्यादातर लोगों की मौत जहरीली गैसें सूंघने से दम घुटने के कारण हुई। स्टोर में कांच की दीवारें और एक ही एग्जिट गेट था — यानी धुआं अंदर फंसा रहा और सांसें बाहर चली गईं। फॉरेंसिक टीम ने सबूत इकट्ठे किए हैं और इलेक्ट्रिकल फॉल्ट को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया — राष्ट्रपति शीनबाम ने जताया शोक
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने अपने X (Twitter) अकाउंट पर घटना पर दुख जताया और पीड़ितों के परिवारों को सांत्वना दी। वहीं सोनारा के गवर्नर अल्फोंसो दुराजो ने जांच के आदेश देते हुए कहा — “यह आतंकी हमला नहीं, बल्कि एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है।”

दुनियाभर के मीडिया आउटलेट्स ने इसे “One of the worst fire incidents of 2025 in Latin America” बताया।
Mexico Blast सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल देने वाला सबक है। सुपरमार्केट्स में सेफ्टी नॉर्म्स, फायर एग्जिट और इमरजेंसी सिस्टम कितने जरूरी हैं — ये घटना उसकी कड़वी याद दिलाती है। त्योहार खत्म हुआ, लेकिन सवाल बाकी हैं — “जब मौत धुएं से आती है, तो सिस्टम को हवा कब मिलेगी?”
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