
उत्तर प्रदेश के मेरठ में ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस को ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जो किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं था।
ड्रग तस्करी के कुख्यात सरगना तस्लीम के घर छापेमारी के दौरान पुलिस को पता चला कि उसने जमीन से 15 फीट नीचे एक गुप्त तहखाना बनवा रखा था—और उसी रास्ते से वह फरार हो गया।
70 से ज्यादा केस, फिर भी बेल पर बाहर
तस्लीम कोई छोटा अपराधी नहीं, बल्कि 70 से ज्यादा आपराधिक मामलों का आरोपी। पहले भी कई बार गिरफ्तार।
गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्तियां जब्त। इसके बावजूद वह जमानत पर बाहर था और फिर से ड्रग्स की बड़ी खेप भेजने की प्लानिंग कर रहा था।
500 ग्राम चरस के साथ बेटे और सहयोगी गिरफ्तार
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तस्लीम ड्रग्स की नई खेप सप्लाई करने वाला है।
इसके बाद पुलिस ने— तस्लीम के बेटे शहबाज उसके सहयोगी सलमान को गिरफ्तार किया। दोनों के पास से 500 ग्राम से ज्यादा चरस बरामद हुई।
छापा पड़ा, तहखाना खुला, तस्लीम गायब
अगले दिन जब पुलिस तस्लीम के घर पहुंची, तो जांच के दौरान सीक्रेट बेसमेंट का खुलासा हुआ। लेकिन तब तक— तस्लीम उसी अंडरग्राउंड रास्ते से फरार हो चुका था। पुलिस के लिए यह न सिर्फ चौंकाने वाला था, बल्कि सिस्टम पर भी बड़ा सवाल।
बच्चों के जरिए करता था ड्रग्स की सप्लाई
जांच में सामने आया है कि तस्लीम नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल ड्रग्स सप्लाई में करता था। बस, इन्वर्टर बॉडी और घरों में छुपाकर नशे की खेप भेजता था। यह मामला अब Narcotics और Organized Crime दोनों एंगल से जांच में है।

UP Police का ड्रग माफिया पर बड़ा एक्शन
यूपी पुलिस ने हाल के दिनों में ड्रग तस्करों के खिलाफ कड़ा अभियान शुरू किया है— इसी महीने 72.9 किलो गांजा जब्त। 12 इन्वर्टर बॉडी में छिपाई गई थी खेप। चार आरोपी गिरफ्तार। 6 दिसंबर को भी मेरठ में। 125 किलो गांजा के साथ 5 तस्कर पकड़े गए थे।
कहते हैं अपराधी ज़मीन के नीचे छिपते हैं— लेकिन सवाल ये है कि इतने केसों के बाद भी वो सिस्टम की आंखों से ऊपर कैसे रह जाते हैं?
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