गोरखपुर में क्रिकेट का ‘गुरुकुल’! Vaas-Jaffer सिखाएंगे खेल

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

गोरखपुर में इन दिनों सिर्फ पसीना नहीं बह रहा… भविष्य गढ़ा जा रहा है। एक तरफ बच्चे बल्ला घुमा रहे हैं, दूसरी तरफ इंटरनेशनल दिग्गज उनकी हर गलती पकड़ रहे हैं।
ये कोई आम कैंप नहीं—ये वो जगह है जहां गली क्रिकेटर से ‘नेक्स्ट स्टार’ बनने का सपना shape ले रहा है।

“क्रिकेट का IIT” बना गोरखपुर

Gorakhpur के Prakash Cricket Stadium में 19 से 25 मार्च तक चल रहा MCC High Performance Camp शहर के क्रिकेट सीन को नया मोड़ दे रहा है। सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक मैदान में सिर्फ practice नहीं…
precision training हो रही है।

जब गुरु बने इंटरनेशनल दिग्गज

इस कैंप की असली ताकत इसके “गुरु” हैं।

  • Chaminda Vaas – तेज गेंदबाजी के मास्टर
  • Wasim Jaffer – टेक्निकल बल्लेबाजी के प्रोफेसर
  • Jwala Singh – मेंटल और टेक्निकल गाइड
  • Vinayak Samant – विकेटकीपिंग एक्सपर्ट

यहां “कोचिंग” नहीं हो रही…यहां क्रिकेट dissect हो रहा है।

ट्रेनिंग नहीं, ट्रांसफॉर्मेशन

करीब 50–60 खिलाड़ी Under-14, Under-16 और Under-19 कैटेगरी से हर दिन खुद को नया बना रहे हैं। मुंबई से आए एक्सपर्ट कोच—
धनंजय तेंडुलकर, निखिल बागल, अंकित पटेल और अभिषेक गाडव खिलाड़ियों को माइक्रो-लेवल पर सुधार रहे हैं।

बैटिंग में footwork, बॉलिंग में line-length science, विकेटकीपिंग में reflex timing हर मूवमेंट को ‘परफेक्ट’ करने की जिद।

किताब भी, खेल भी

इस कैंप की खास बात यहां सिर्फ मैदान पर पसीना नहीं बहाया जा रहा, बल्कि खिलाड़ियों को Jwala Singh की स्पेशल कोचिंग मैनुअल भी दी जा रही है।

मतलब सीख सिर्फ 7 दिन की नहीं, करियर भर की है।

सबसे ज्यादा जोश: Under-14

अगर कोई कैटेगरी सबसे ज्यादा एक्साइटेड है तो वो है Under-14। छोटे-छोटे खिलाड़ी बड़ी-बड़ी उम्मीदें लेकर आए हैं। किसी की नजर रणजी पर है तो किसी का सपना सीधा टीम इंडिया।

स्पोर्ट्स एनालिस्ट पदमपति शर्मा कहते हैं—

“भारत में टैलेंट की कमी कभी नहीं रही, कमी रही है सही प्लेटफॉर्म की। ऐसे कैंप ही उस गैप को भरते हैं।”

और तंज भी मारते हैं “हमारे यहां गली में ब्रैडमैन मिल जाता है, बस उसे कोचिंग नहीं मिलती।”

भारत में क्रिकेट दो जगह खेला जाता है एक टीवी पर और दूसरा गली में। लेकिन आज गोरखपुर में तीसरी जगह बन गई है जहां सपने ‘सही तरीके’ से खेले जा रहे हैं। यहां सिर्फ रन नहीं बन रहे करियर बन रहा है।

गोरखपुर का क्रिकेट फ्यूचर

इस कैंप से साफ है गोरखपुर अब सिर्फ दर्शक नहीं रहेगा खिलाड़ी देगा। और शायद अगला इंटरनेशनल स्टार यहीं से निकले।

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