लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने कई बार फैसले बदलने के बाद एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी के साथ आगे किया है। उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की भूमिका में सक्रिय करते हुए उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में जनसभाओं का कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसे पार्टी के युवा मतदाताओं को जोड़ने और अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। विधानसभा से लेकर लोकसभा तक उत्तर प्रदेश में प्रतिनिधित्व खो चुकी बसपा के सामने संगठन को मजबूत करने और राजनीतिक जमीन वापस पाने की चुनौती है।
युवा मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश
पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, संगठन के एक बड़े हिस्से का मानना था कि आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बजाय उन्हें काम करने का एक और मौका दिया जाना चाहिए। कई वरिष्ठ नेता भी समय-समय पर उनके समर्थन में अपनी राय रखते रहे हैं।
अब आकाश की जनसभाओं का कार्यक्रम जारी होने से संकेत मिल रहा है कि आने वाले चुनावों में उनकी भूमिका अहम हो सकती है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि युवा पीढ़ी को बसपा से जोड़े रखा जाए और नई पीढ़ी के बीच संगठन की स्वीकार्यता बढ़ाई जाए। राजनीतिक जानकारों की नजर में यह कदम पार्टी के भविष्य के नेतृत्व को लेकर भी महत्वपूर्ण है।
चंद्रशेखर आजाद की बढ़ती लोकप्रियता से चुनौती
बसपा के सामने एक बड़ी चुनौती आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर आजाद के रूप में भी देखी जा रही है। उनके साथ युवाओं की बढ़ती भागीदारी ने बसपा के लिए अपने युवा मतदाताओं को बनाए रखने की चुनौती बढ़ाई है।
मायावती की पारंपरिक मतदाता आधार में अब भी पकड़ मानी जाती है, लेकिन युवा मतदाताओं के बीच राजनीतिक पसंद बदलने की आशंका पार्टी के लिए चिंता का विषय है। विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर हुई बैठकों में भी संगठन ने इस स्थिति की समीक्षा की थी। ऐसे में आकाश आनंद को सक्रिय करना युवा वर्ग तक पहुंच बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
आकाश आनंद को लेकर मायावती ने क्या कहा?
मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर आकाश आनंद की तारीफ करते हुए उन्हें परिपक्व और सूझबूझ से काम करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद आकाश आनंद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं और बसपा आंदोलन के काम में मेहनत कर रहे हैं।
मायावती ने आकाश की आगामी जनसभाओं का कार्यक्रम भी साझा किया। इसके मुताबिक, वह 28 अक्टूबर को बुलंदशहर, 2 नवंबर को सहारनपुर, 20 नवंबर को अयोध्या, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
पंजाब और उत्तराखंड में भी संभालेंगे मोर्चा
उत्तर प्रदेश के अलावा आकाश आनंद को दूसरे राज्यों में भी पार्टी का संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। वह 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर पंजाब में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इसके बाद 6 दिसंबर को डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि पर उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए बसपा उत्तर प्रदेश से बाहर भी अपने संगठन और समर्थकों के बीच सक्रियता बढ़ाने की कोशिश करती दिख रही है।
मायावती ने अपने बयान में पिछले दिनों हुए अप्रिय घटनाक्रम के लिए अशोक सिद्धार्थ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में दोबारा वापसी नहीं होगी। उनकी वापसी को लेकर लगाए जा रहे कयासों को भी मायावती ने निराधार बताया।
ईशान आनंद को भी संगठन में मिली जिम्मेदारी
मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईशान लंदन में वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और अब उनके मार्गदर्शन में दिल्ली स्थित बसपा के केंद्रीय कार्यालय में चुनाव तथा संगठन से जुड़े कामों में सहयोग करेंगे।
आकाश आनंद को फिर से सक्रिय भूमिका देना और ईशान आनंद को संगठनात्मक काम से जोड़ना बसपा नेतृत्व की भविष्य की तैयारी का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी को इसका कितना राजनीतिक लाभ मिलेगा, यह आने वाले चुनावों में युवा मतदाताओं के रुझान और संगठन की जमीनी सक्रियता से स्पष्ट होगा।
